आपातकाल के हुए 46 साल: रक्षामंत्री बोले- इंदिरा गांधी ने लोकतांत्रिक परम्पराओं पर कुठाराघात किया था

25 जून 1975 भारत के इतिहास में सबसे काले अक्षरों में लिखा जायेगा, 46 साल ( Emergency 46 years )
पहले आज ही के दिन कांग्रेस नेत्री, राहुल गांधी की दादी और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने देश को आपातकाल की आग में झोंक दिया था। आज के लोग कल्पना भी नहीं कर सकते उस वक्त आपातकाल में कैसा ख़ौफ़ था। जी हाँ! इंदिरा गांधी ने ये सब काला कारनामा अपनी कुर्सी बचानें के लिए किया था। जिसने आपातकाल को देखा है, वो आज भी उस पल को महसूस करते हैं तो सिहर उठते हैं. ( Emergency 46 years )

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, आज ही के दिन लोकतांत्रिक परम्पराओं पर कुठाराघात किया था, यह भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, रक्षामंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल एक ‘काले अध्याय’ के रूप में जाना जाता है। देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं पर कुठाराघात करने के लिए जिस तरह संविधान का दुरुपयोग हुआ उसे कभी भूला नहीं जा सकता। आज भी वह दौर हम सभी की स्मृतियों में ताज़ा है।


एक अन्य ट्वीट में रक्षामंत्री ने लिखा, इस दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश में आंदोलन भी हुए और लोगों ने न जाने कितनी यातनायें सहीं। उनके त्याग, साहस और संघर्ष को हम आज भी स्मरण करते हैं और प्रेरणा प्राप्त करते हैं। लोकतंत्र की रक्षा में जिन लोगों की भी भूमिका रही है, मैं उन सभी को नमन और अभिनंदन करता हूँ। ( Emergency 46 years )

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आपातकाल के काले दिनों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। 1975 to 1977 की अवधि में संस्थानों का व्यवस्थित विनाश देखा गया। आइए हम भारत की लोकतांत्रिक भावना को मजबूत करने और हमारे संविधान में निहित मूल्यों को जीने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लें.

आज से 46 साल पहले लगा ये आपातकाल 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक यानि 21 महीनों तक देश पर थोपा गया। पूरे देश ने रेडियो पर इंदिरा की आवाज में संदेश सुना था, भाइयो और बहनो, राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है।