जो अपनी सरकार नहीं बचा पाए, कांग्रेस ने उन्हें दी राजस्थान में डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी!

राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर आंतरिक कलह तेज हो गई है, अब शीर्ष नेतृत्व डैमेज कंट्रोल में जुट गया है, दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक़, राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने दो दिन पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से फोन पर बात की, दूसरी ओर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमनलनाथ भी सक्रिय हो गए हैं, पायलट के दिल्ली जाने पर उनकी कमलनाथ से बात भी हुई थी, सनद रहे यह वही कमलनाथ हैं, जो अपनी सरकार नहीं बचा पाए थे, आंतरिक कलह की वजह से मध्यप्रदेश में इनकी सरकार गिर गई और समय से पहले ही इन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या कमलनाथ राजस्थान की आंतरिक कलह को ख़त्म कर पाते हैं या नहीं। rajasthan political crises


हाल ही में राजस्थान कांग्रेस के नेता सचिन पायलट दिल्ली आये थे, लेकिन उनसे किसी बड़े कॉंग्रेसी नेता ने मुलाक़ात नहीं की, दरअसल सचिन पायलट जब राजस्थान के कुछ कांग्रेस विधायकों को अपने साथ लेकर भ्रमण कर रहे थे तो कांग्रेस आलाकमान कमान ने उन्हें कुछ आश्वाशन देकर समझाया, हालाँकि पायलट को जो आश्वाशन मिला था सालभर बीत जानें के बावजूद उसपर कोई अमल नहीं हुआ, अपनी मांगों को लेकर सचिन पायलट पिछले हफ्ते दिल्ली आये थे. सचिन पायलट करीब चार दिन दिल्ली में डेरा डाले रहे परन्तु कांग्रेस आलाकामन व् गांधी परिवार के किसी भी सदस्य ने पायलट से मिलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे नाराज होकर पायलट दिल्ली से जयपुर लौट आये हैं. rajasthan political crises

सचिन पायलट राज्य में कैबिनेट विस्तार चाहते हैं लेकिन सीएम गहलोत ने गांधी परिवार का करीबी होने का फायदा उठाते हुए विस्तार को लगभग 2 महीनें के लिए टाल दिया है, गहलोत का कहना है कि ‘2 महीनों तक किसी से मिलने-जुलने के लिए डाक्टरों ने मना किया है. इससे पायलट गुट में काफी ज्यादा आक्रोश है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपने आंतरिक मामलें को कैसे सुलझाती है. rajasthan political crises