अचानक रामभक्त बनें राहुल गांधी, कभी कांग्रेस सरकार ने श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाए थे

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अचानक रामभक्त बन गए हैं, भगवान राम के प्रति बड़ा प्रेम उमड़ रहा है, जबकि 2007 में कॉंग्रेस की सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए थे, दरअसल आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दावा किया है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या में 18.5 करोड़ रुपये में जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने से 10 मिनट पहले सिर्फ 2 करोड़ रुपये में बेचा गया था. ( rahul gandhi rambhakt )

संजय सिंह द्वारा लगाए इस आरोप के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, श्रीराम स्वयं न्याय हैं, सत्य हैं, धर्म हैं- उनके नाम पर धोखा अधर्म है! इस ट्वीट के साथ उन्होंने #राम_मंदिर_घोटाला हैशटैग का भी उपयोग किया। मतलब अब राहुल गांधी मान रहे हैं कि श्रीराम स्वयं न्याय हैं, सत्य हैं, धर्म हैं, जबकि इन्हीं की कांग्रेस सरकार ने 2007 में सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए थे. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामें में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कहा था, भगवान राम का अस्तित्व सिद्ध करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ( rahul gandhi rambhakt )


कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण रोकने की भरपूर कोशिश की, हालाँकि यह मंसूबें में कामयाब नहीं हो सके, और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, करोड़ों लोगों ने आस्था और भक्ति के चलते भगवान के चरणों में चढ़ावा चढ़ाया। उस चंदे का दुरुपयोग अधर्म है, पाप है, उनकी आस्था का अपमान है। ( rahul gandhi rambhakt )

वहीँ कांग्रेस ने कहा, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम पर इतना बड़ा कदाचरण करना सिर्फ प्रभु श्री राम के भक्तों के साथ धोखा ही नहीं बल्कि आस्था पर किया गया प्रहार भी है। भाजपा नेताओं ने ऐसा दुस्साहस कैसे किया?