पंजाब की कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, जानें कैप्टन अमरिंदर और सिद्धू को लेकर क्या कहा?

पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही आंतरिक कलह को सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी ( punjab congress committee report) गठित की थी, इस कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी, रिपोर्ट में अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू को लेकर चौंकाने वाला दावा किया गया है, इसके अलावा कमेटी ने सुझाव दिया है कि पंजाब में जल्द से जल्द नए अध्यक्ष पद की ताजपोशी होनी चाहिए। जो हिन्दू हो. कांग्रेस को कवर करने वाले एबीपी न्यूज़ के पत्रकार आदेश रावल ने ट्वीट कर कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के बारें में जानकारी दी है.

कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट ( punjab congress committee report ) में कहा गया है कि ‘मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से विधायकों की नाराज़गी लेकिन विरोध नहीं है, नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी की ज़रूरत है लेकिन सबसे बड़ा पद नहीं दिया जा सकता है उन्हें। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़सरशाही विधायकों पर हावी है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष को भी बदलने की मांग की गई है.


मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता वाली कमेटी ( punjab congress committee report ) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ‘मुख्यमंत्री के साथ 2 उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष जल्द नियुक्त किया जाए। या फिर प्रदेश अध्यक्ष के साथ दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाए और उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष हिन्दु और दलित नेता होने चाहिए…अब देखना यह दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस रिपोर्ट पर क्या फैसला लेती है. क्या 2022 में होने वाले चुनाव में अमरिंदर सिंह के साथ जाएंगे या सिद्धू के साथ.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा नवजोत सिंह सिद्धू के पक्ष में थे लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया। नवजोत सिद्धू 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए थे, अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बन चुके हैं, कयास लगाए जा रहे हैं कि नवजोत सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह इस पद को बनाने के खिलाफ हमेशा से रहे हैं।