राष्ट्रपति रामनाथ के बयान से टीचर लोग हैरान, 50-60 हजार सैलरी में सवा दो लाख की बचत कैसे?

President Ramnath Kovind Salary
President Ramnath Kovind Salary

हाल ही में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्पेशल ट्रेन से अपने पैतृक निवास स्थान कानपुर पहुंचे, फिर उसके बाद हेलीकॉप्टर से अपने गाँव परौंख पहुंचे, वहां पहुँचते ही राष्ट्रपति ने अपने गांव परौंख की मिट्टी को नमन और स्पर्श किया। पैतृक गांव परौंख जाने से पहले झींझक में राष्ट्रपति कोविंद ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए ऐसा बयान दिया कि शिक्षक भी हैरान हो गए हैं. (President Ramnath Kovind Salary )

शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘“कहने को सब जानते हैं, कहने में कोई बुराई नहीं है. राष्ट्रपति देश का सबसे ज्यादा सलैरी लेने वाला कर्मचारी है, और वो टैक्स भी देता है. हम टैक्स भी देते हैं पौने तीन लाख रुपए महीना. लेकिन कोई कहेगा कि आपको तो पांच लाख रुपए मिलता है, उसी की सब चर्चा करते हैं. उसमें से हर महीने पौने तीन लाख निकल जाता है. तो बचा कितना? और जो बचा उससे अधिक तो हमारे अधिकारी और दूसरों को मिलता है. जो टीचर्स बैठे हुए हैं, उन सबको सबसे ज्यादा मिलता है.” (President Ramnath Kovind Salary )

राष्ट्रपति के इस बयान के बाद अब शिक्षक भी हैरान हो गए हैं, शिक्षकों को लगभग 50-60 या या लगभग 70 हजार रूपये तक महीनें की सैलरी मिलती है, ऐसे में अब शिक्षक हैरान हो गए हैं कि 50-60 हजार सैलरी में सवा दो लाख की बचत कैसे हो सकती है, चूँकि राष्ट्रपति ने कहा, पांच में पौने तीन लाख टैक्स देता हूँ जो बचा उससे अधिक तो हमारे अधिकारी और दूसरों को मिलता है. जो टीचर्स बैठे हुए हैं, उन सबको सबसे ज्यादा मिलता है..राष्ट्रपति के मुताबिक़, पौने तीन लाख रूपये टैक्स देनें के बाद उनके पास सवा दो लाख रूपये बचता है, इतनी तो सैलरी शिक्षकों को मिलती है. (President Ramnath Kovind Salary )

राष्ट्रपति कोविंद ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा, 5 लाख के वेतन में पौने तीन लाख टैक्स देता हूँ, टैक्स दीजिये उसी से देश का विकास होगा, बता दें कि राष्ट्रपति, प्रथम महिला सविता देवी कोविंद के साथ, अपने पैतृक स्थान कानपुर के लिए एक विशेष ट्रेन से पहुंचे। इससे पहले 2006 में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने आखिरी बार ट्रेन का उपयोग किया था.