5 लाख वेतन में से पौने 3 लाख टैक्स देता हूँ, जितना बचा उससे ज्यादा हमारे अधिकारी को मिलता है: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद ने पहली बार कानपुर देहात स्थित अपने गाँव का दौरा किया, राष्ट्रपति कोविंद ट्रेन से कानपुर पहुंचे और फिर उसके बाद हेलीकॉप्टर से अपने गाँव परौंख पहुंचे, वहां पहुँचते ही राष्ट्रपति ने अपने गांव परौंख की मिट्टी को नमन और स्पर्श किया। वहां पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। अपने दौरे पर राष्ट्रपति ने कई पुराने मित्रों से भी मुलाक़ात की. President Kovind in Paraunkh

पैतृक गांव परौंख जाने से पहले झींझक में राष्ट्रपति कोविंद ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा, 5 लाख के वेतन में पौने तीन लाख टैक्स देता हूँ, टैक्स दीजिये उसी से देश का विकास होगा, तो बताइये बचा कितना मेरा? और जितना बचा उससे कहीं ज्यादा तो हमारे अधिकारी और अन्य दूसरे लोगों को मिलता है…राष्ट्रपति ने कहा, टैक्स देने से देश का विकास होता है.. President Kovind in Paraunkh

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अपने गृहनगर के योगदान को नोट करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा: “मैं जहां भी हूं, मेरे गांव की मिट्टी की गंध और मेरे गांव के निवासियों की यादें हमेशा मेरे दिल में मौजूद हैं। मेरे लिए, परौंख सिर्फ एक गाँव, यह मेरी मातृभूमि है, जहाँ से मुझे हमेशा आगे बढ़कर देश की सेवा करने की प्रेरणा मिली है।” इसके अलावा राष्ट्रपति ने कहा, मैं संवैधानिक पद पर हूँ, मेरे लिए सभी दल बराबर हैं. President Kovind in Paraunkh

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि गांव के मेरे जैसे साधारण लड़के को देश के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी निभाने का सौभाग्य मिलेगा। लेकिन हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था ने ऐसा करके दिखाया है।” अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने अपने कई पुराने मित्रों से मुलाक़ात की.

राष्ट्रपति, प्रथम महिला सविता देवी कोविंद के साथ, अपने पैतृक स्थान कानपुर के लिए एक विशेष ट्रेन से पहुंचे। इससे पहले 2006 में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने आखिरी बार ट्रेन का उपयोग किया था.