PFI पर कसा गया शिकंजा, आयकर विभाग ने रद्द किया कट्टर इस्लामिक संगठन PFI का रजिस्ट्रेशन

कट्टर इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के खिलाफ आयकर विभाग ने कड़ी कार्यवाही की है, आयकर विभाग ने पीएफआई पर शिकंजा कसते हुए रजिस्ट्रेशन रद्द ( PFI registration canceled ) कर दिया है, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 12 AA (3) के तहत रद्द किया गया है पीएफआई रजिस्ट्रेशन !! उल्लेखनीय है कि पीएएफआई की कई देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई है, जिसकी जांच अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं. इसी साल फरवरी में उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स ( एसटीएफ ) ने की टीम ने दिल्ली के शाहीन बाग स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के दफ्तर में छापेमारी की थी.. केरल से प्रॉडक्शन वारंट पर पकड़े गए रउफ शरीफ से पूछताछ के बाद यूपी एसटीएफ टीम में PFI के दिल्ली दफ्तरों में छापेमारी की. ( PFI registration canceled )

पीएएफई के गुर्गे रउफ शरीफ के खिलाफ हाथरस में दंगा भड़काने के लिए फंडिंग करने और संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। रऊफ को इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने त्रिवेंद्रम से उस समय गिरफ्तार किया था, जब वो भारत छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। ( PFI registration canceled )


फरवरी में ही ED ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के अध्यक्ष ओ एम अब्दुल सलाम और उसके केरल राज्य प्रमुख नसरुद्दीन एलामारोम के परिसरों समेत नौ राज्यों में पीएफआई के कम से कम 26 स्थानों पर छापा मारा था.

कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में जो शाहीन बाग़ में मुस्लिमों का प्रदर्शन चल रहा था, उसकी भी फंडिंग पीएफआई ही कर रहा था, पीएफआई को धन कहाँ से मिल रहा था, इसकी जांच जारी है.

पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इण्डिया ( पीएफआई ) का गठन साल 2006 में हुआ था, इस संगठन पर अक्सर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं, 2012 में, केरल सरकार ने केरल हाईकोर्ट को बताया था कि PFI की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं और यह “प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पुनरुत्थान के अलावा और कुछ नहीं है।