चिराग पासवान की बढ़ती जा रही मुश्किलें, चाचा ने LJP की सभी कमेटियाँ भंग कर बनाई नई कार्यकारिणी

लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्व. रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही है, जबसे उनके सगे चाचा ने पार्टी पर कब्जा किया है, पशुपति कुमार पारस ने लोजपा की सभी कमेटियों को भंग करते हुए नई कार्यकारिणी बनाई है, लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा, लोक जनशक्ति पार्टी की जो पुरानी कमेटी थी, राष्ट्रीय हो, प्रदेश की हो या जितने भी प्रकोष्ठ हैं, सभी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। नई छोटी सी कमेटी तत्काल कार्य करने के लिए बनाई गई है, 8 लोगों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाई गई है. Pashupati Paras chirag paswan

पशुपति पारस के नेतृत्व वाले गुट ने एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कहा गया कि पारस को पटना में पार्टी कार्यकारिणी के 75 सदस्यों की बैठक में चुना गया और एक नई कार्य समिति का गठन किया गया है. दूसरी ओर, चिराग पासवान ने दावा किया कि ‘विद्रोही’ पार्टी के सदस्य पार्टी के संविधान के खिलाफ गए थे। Pashupati Paras chirag paswan

लोकजनशक्ति पार्टी ( लोजपा ) पर कब्जे को लेकर चाचा और भतीजे के बीच भीषण भिड़ंत शुरू हो चुकी है, पहले लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान के सगे चाचा पशुपति कुमार पारस ने पार्टी के पाँचों सांसदों के साथ बगावती रुख अख्यितार किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर चिराग को बेदखल करते हुए खुद लोकसभा में पार्टी के नेता बन गए, इसके बाद चिराग को लोजपा अध्यक्ष पद से भी हटा दिया, इसके बाद चिराग पासवान ने अपने चाचा समेत सभी को पार्टी से निष्काषित करके प्राथमिक सदस्य्ता रद्द कर दी. Pashupati Paras chirag paswan

लोकसभा में लोजपा का नेता का पद और लोजपा अध्यक्ष का पद छिनने के बाद अब सांसद चिराग पासवान का बंगला भी छिनने के कगार पर है, लोजपा के संसदीय दल के नेता पद से बेदखल होने के बाद चिराग पासवान ( chirag paswan ) के लिए 12 जनपथ वाले बंगले को बचाए रखना मुश्किल हो सकता है। अब चिराग सिर्फ एक सांसद हैं जिनके लिए नियमतः फ्लैट या डूप्लेक्स आवंटित होता है। 1989 से सोनिया गांधी के पड़ोस, 12 जनपथ में रहते थे स्वर्गीय रामविलास पासवान।