हाईकोर्ट ने स्वीकार की उम्रकैद के खिलाफ निकिता तोमर के हत्यारे तौसीफ की अपील, जुर्माने पर भी रोक लगी

पंजाब एन्ड हरियाणा हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को फरीदाबाद के चर्चित ‘निकिता तोमर हत्याकांड’ में दोषी द्वारा दायर की गयी अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। हाई कोर्ट ने फरीदाबाद की निचली अदालत द्वारा दोषी तोसिफ पर लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी। आरोपित तौसीफ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति रितु बाहरी की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली अपील को स्वीकार कर लिया, जिसके माध्यम से तोसीफ को दोषी ठहराया गया था और 26 अक्टूबर, 2020 को निकिता तोमर की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। Nikita Tomar murder case

मालूम हो कि कुछ महीनें पहले दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में बीकॉम की 21 वर्षीय छात्रा निकिता तोमर की दिनदहाड़े गोली मारकर ह्त्या कर दी गई थी, ये पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, आरोपी द्वारा अपहरण के प्रयास का विरोध करने पर निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। Nikita Tomar murder case

फरीदाबाद जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 24 मार्च को तोसिफ और उसके साथी रेहान को हत्या का दोषी ठहराया था. 26 मार्च को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। निचली अदालत ने आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। Nikita Tomar murder case

आरोपित तोसिफ ने अपनी अपील में कहा है कि बिना किसी सबूत के पुलिस ने उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया है क्योंकि घटना की तारीख तक अपीलकर्ता द्वारा मृतक के उत्पीड़न के संबंध में किसी भी स्तर पर कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। हाईकोर्ट को बताया कि यह साबित करने के लिए कोई कॉल डिटेल नहीं है कि अपीलकर्ता ने 4 अगस्त, 2018 के बाद कभी मृतक को बुलाया।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, अपील में कहा गया है कि तौसीफ को पुलिस ने बिना किसी सबूत के झूठा फंसाया है। 24 और 26 मार्च के आदेश, जिसके माध्यम से उन्हें दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, को रद्द किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने अपील जरूर स्वीकार कर ली है, लेकिन इसपर सुनवाई कब होगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.