Z श्रेणी सुरक्षा हटाने के लिए मुकुल रॉय ने गृहमंत्रालय को लिखा पत्र, लोग बोले- ममता से ही खतरा था क्या?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने कल कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) का दामन थाम लिया। कभी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी रहे मुकुल रॉय 2017 में धूमधाम से भाजपा में शामिल हुए थे, अब अपने बेटे सुभ्रांशु रॉय के साथ तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर गए, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की अगुवाई में मुकुल रॉय ने अपने बेटे के साथ टीएमसी का दामन थामा। ममता के भतीजे व् टीएमसी विधायक अभिषेक बनर्जी ने मुकुल रॉय और उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय को शाल पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। mukul roy z security

मुकुल रॉय जब भाजपा में शामिल हुए थे तो उन्हें केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी थी, टीएमसी ज्वाइन करते ही मुकुल रॉय ने गृहमंत्रालय को पत्र लिखकर Z श्रेणी ( mukul roy z security ) की सुरक्षा वापस लेने को कहा है. मुकुल रॉय द्वारा लिखे गए इस पत्र के बाद लोगों का कहना है, ममता बनर्जी से ही खतरा था क्या? जो टीएमसी जॉइन करते ही टल गया. हालाँकि अभी तक गृहमंत्रालय ने रॉय के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है।


मुकुल रॉय की सुरक्षा में सीआरपीएफ के 22 जवानों को तैनात किया गया था। इसके अलावा, लगभग 4-5 राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो को भी तैनात किया गया था, जो देश के हाई-प्रोफ़ाइल व्यक्तियों को सुरक्षा देते हैं. मुकुल रॉय नवंबर 2017 में जब भाजपा में शामिल हुए थे तो उन्हें ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। जिसमें जो PSO और 11 सीआरपीएफ के जवान थे, उसके बाद मुकुल रॉय की सुरक्षा बढ़ाकर Z श्रेणी (mukul roy z security) की कर दी गई थी.

जानकारी के अनुसार, कथित तौर पर मुकुल रॉय शारदा चिटफंड और नारदा घूसकांड में आरोपी थे, समय की नजाकत को भांपते हुए मुकुल रॉय केंद्र की सत्ता में विराजमान भाजपा में चले आये और धीरे-धीरे खुद को सभी मामलों से मुक्त कर पाक साफ़ बन गए, भाजपा ने मुकुल रॉय को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया। अभी भी भाजपा विधायक हैं, काम बनते ही मुकुल रॉय फिर टीएमसी में भाग गए.