ममता ने कोर्ट को भी नहीं बख्शा, नंदीग्राम मामले की सुनवाई कर रहे जज के खिलाफ TMC ने खोला मोर्चा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी से मिली अपनी हार को पचा नहीं पा रही हैं, नंदीग्राम के रिजल्ट को लेकर अब उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है, आज सुनवाई होनी थी लेकिन टल गई, सुनवाई टलने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) नंदीग्राम मामलें की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और भाजपा समर्थक होने का आरोप लगा रही है,…पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के लिए नियुक्त न्यायमूर्ति कौशिक चंदा के भारतीय जनता पार्टी से संबंध हैं। ( tmc and justice Kaushik Chand )

गौरतलब है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से 1,956 मतों के अंतर से हार गई थीं। कभी बनर्जी के करीबी रहे अधिकारी ने चुनाव से पहले पाला बदल लिया और अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। ( tmc and justice Kaushik Chand )

टीएमसी ने अपने ट्विटर हैंडल से बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष के साथ न्यायमूर्ति चंदा की तस्वीरें साझा कीं। तृणमूल कांग्रेस ने ट्वीट किया, “आश्चर्यजनक रूप से, वह न्यायाधीश भी हैं जिन्हें नंदीग्राम मामले की सुनवाई के लिए नियुक्त किया गया है।” क्या इस मामले में कोई न्याय होगा? केवल समय ही बताएगा। ( tmc and justice Kaushik Chand )

ममता बनर्जी के वकील ने हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति कौशिक चंद की पीठ से मामले को हटाने की मांग की है. न्यायमूर्ति कौशिक चंद के इतिहास का हवाला देते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि जब वह कौशिक चंद वकील थे, तो वह एक सक्रिय बीजेपी कार्यकर्ता थे. मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि अगर वह मामले की सुनवाई करेंगे, तो फैसला पक्षपातपूर्ण हो सकता है. नंदीग्राम में हारने के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर से उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया है.