यूपी के झांसी रेलवे स्टेशन का नाम अब रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन होगा, योगी सरकार का ऐलान

इलाहाबाद और मुगलसराय के बाद, अब झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रखा जाएगा। जो 1857 में भारत की पहली स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख हस्ती थी। झांसी के डीएम आंद्रे वामसी ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से इसकी पुष्टि की है, की स्थानीय सांसद ने रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की सिफारिश की थी। हमने नाम बदलने पर सहमति दी है और इसे राज्य सरकार को भेज दिया है।” झांसी के सांसद अनुराग शर्मा ने टीओआई को बताया कि रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव लगभग दो साल पहले रेलवे की एक क्षेत्रीय बैठक के दौरान रखा गया था, “बुंदेलखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रस्ताव बनाया गया था। ( Jhansi Rani Lakshmibai Station )

शर्मा ने कहा, “बैठक में निर्णय का उल्लेख किया गया था और अब यह राज्य सरकार के पास गया है।” लखनऊ के सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने इसे आगे की कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को भेजने का फैसला किया है. ( Jhansi Rani Lakshmibai Station )

2017 में सत्ता में आने के बाद, भाजपा सरकार ने तीन प्रमुख स्थानों – इलाहाबाद, मुगलसराय और फैजाबाद के नाम बदल दिए हैं। इलाहाबाद अब प्रयागराज है, मुगलसराय पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर है और फैजाबाद अयोध्या है।

जबकि इलाहाबाद और मुगलसराय रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदल दिए गए थे, अयोध्या जंक्शन रेलवे स्टेशन पहले से मौजूद है। इलाहाबाद और फैजाबाद के विपरीत, झांसी के मामले में शहर का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संकेत देते रहे हैं कि राज्य सरकार जहां भी आवश्यक समझेगी नाम परिवर्तन के साथ आगे बढ़ेगी। 2018 में सीएम योगी ने कहा था, हमने मुगलसराय का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या रखा। ( Jhansi Rani Lakshmibai Station )

रानी लक्ष्मीबाई मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की राज्यक्रान्ति की शहीद वीरांगना थीं। उन्होंने सिर्फ 29 वर्ष की उम्र में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से युद्ध किया और रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हुईं। बताया जाता है कि सिर पर तलवार के वार से शहीद हुई थी रानी लक्ष्मीबाई।