ईरान की परमाणु छमता को बेअसर करेगा इजराइल, नेतन्याहू बोले- अमेरिका से तनाव का जोखिम उठाने को तैयार

ईरान की परमाणु छमता

ईरान की परमाणु छमता को बेअसर करेगा इजराइल:- हाल ही में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच 11 दिनों तक चले खूनी संघर्ष के बाद संघर्षविराम पर समझौता हो गया, फिलिस्तीन ने UN से गुहार लगाई थी कि इजराइल को रोका जाय वरना वो हमें तबाह कर देगा, इसके बाद इजराइल संघर्षविराम पर सहमत हुआ है, अब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजराइल किसी भी कीमत पर ईरान का परमाणु छमता को बेअसर करेगा। इसके लिए इजराइल अमेरिका से जोखिम उठानें को भी तैयार है.

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के नए प्रमुख डेविड बार्निया के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, परमाणु बम से लैस ईरान इजराइल के लिए सबसे बड़ा संभावित खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इजराइल खुद को इससे संरक्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर इसके लिए अमेरिका से जोखिम उठाना पड़े फिर भी कोई दिक्कत नहीं।

आपको बता दें कि इजराइल और फिलिस्तीन के बीच हुए संघर्षविराम से इजराइली खुश नहीं थे, इजराइलियों का मानना था कि फिलिस्तीन आतंकी संगठन गाजा को तबाह करके ही छोड़ना था, अब नेतन्याहू के राजनैतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. बता दें कि ईरान की परमाणु छमता से न केवल इजरायल और पश्चिम के देशों को दिक्कत है बल्कि पड़ोसी सुन्नी मुस्लिम बहुल देश सऊदी अरब भी इसे लेकर परेशान रहता है.

लगातार 11 दिनों तक इजराइल और फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के बीच खूनी संघर्ष चला, सैकड़ों आतंकियों समेत तकरीबन ढाई सौ लोग फिलिस्तीन के मारे गए तो वहीँ इजराइल में भी 12 लोगों की जान गई है, फ़िलहाल हमास ने घुटने टेक दिए और इजराइल संघर्ष विराम पर सहमत हो गया. इजराइल-फिलिस्तीन विवाद को लेकर दुनिया भी लामबंद होने लगी थी, कुछ देश इजराइल का समर्थन कर रहे थे तो सभी इस्लामिक मुल्क समेत कुछ देश फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे थे, वहीँ संयुक्त राष्ट्र में भारत ने शान्ति की बात कही थी.