किसान आंदोलन को हाईजैक कर सकती है ISI, किसानों के नाम पर भारी अराजकता का अंदेशा!

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की विभिन्न सीमाओं अपर लगातार सात महीनें से हजारों किसानों का आंदोलन जारी है, इन सात महीनों के अंदर कई घटनाएं घटीं। अब किसान आंदोलन को लेकर एक बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) हाईजैक ( ISI hijack farmer protest ) कर सकती है, किसानों के नाम पर एक बार फिर भारी अराजकता का अंदेशा जताया है, ISI की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए दिल्ली पुलिस और CISF को अलर्ट कर दिया गया है.

देश की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों को एक पत्र भेजा है, जिसमें ISI के संभावित कुकृत्यों की जानकारी दी गई है..जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है, पुलिस ने कहा कि मेट्रो स्टेशनों के बाहर अतिरिक्त जनशक्ति भी तैनात की जाएगी। आज 26 जून को किसानों का देशव्यापी प्रदर्शन है।

इसके अलावा, एहतियात के तौर पर, दिल्ली मेट्रो के तीन स्टेशन शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने कथित तौर पर सुरक्षा के लिए संभावित खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस की सलाह पर यह कदम उठाया है। ( ISI hijack farmer protest )

दिल्ली पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में आरोप लगाया था कि कई प्रदर्शनकारियों ने सिंघु बॉर्डर पर उसके दो स्पेशल ब्रांच अधिकारियों पर हमला किया, जो जमीनी विश्लेषण के लिए वहां पर थे। नरेला थाने में अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि पुलिस और सरकार की मंशा किसानों को भड़काने की है. ( ISI hijack farmer protest )

वहीँ योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने दावा किया कि वह किसानों से उनके मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सिर्फ एक कॉल दूर हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों को अभी तक उनका फोन नहीं आया है।