Twitter vs Koo: इस मामलें में ट्विटर से आगे निकला Koo App, दिया ये बेहतरीन फीचर

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स्वदेशी माइक्रो ब्लॉगिंग ऐप/वेबसाइट Koo दिन-प्रतिदिन प्रगति कर रहा है, कू एप को ट्विटर का विकल्प माना जा रहा है, बड़े-बड़े सेलिब्रिटी अब कू एप पर आ रहे हैं, यहाँ तक कि भारत सरकार भी अब Koo एप पर बयान जारी करती है, नए आईटी नियमों का पालन करने वाला koo पहला एप था. Koo App में एक बेहतरीन फीचर है जो ट्विटर में नहीं है, जी हाँ!

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Koo ने अपने प्लेटफॉर्म पर कू को एडिट करने की सुविधा दी है, जबकि ट्विटर पर ट्वीट एडिट करने का ऑप्शन नहीं है, अगर आप ट्वीट कर रहे हैं, उसमें कुछ गलत हो गया तो उसे आप एडिट नहीं कर सकते। यानि आपको वह ट्वीट डिलीट करना ही पडेगा। जबकि Koo App में ऐसा नहीं, एडिट का बटन है, आप कू को एडिट कर सकते हैं.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड़कर भारत सरकार के सभी मंत्री, बॉलीवुड के कई बड़े सेलिब्रिटी और मीडिया जगत से जुड़े तमाम लोग कू पर आ चुके हैं, ट्विटर की मनमानी के बाद केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और विभागों ने कू की तरफ रुख किया।

माइक्रोब्लॉगिंग साइट कू की सह-स्थापना उद्यमी अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिद्वत्का ने की थी। राधाकृष्ण ने ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवा टैक्सीफॉरश्योर की स्थापना भी की थी, जिसे बाद में ओला कैब्स को बेच दिया गया। Koo को साल 2020 की शुरुवात में लॉन्च किया गया था, सरकार के आत्मानिभर ऐप इनोवेशन चैलेंज ने इसे सुर्खियों में ला दिया।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, सांसद तेजस्वी सूर्या और शोभा करंदलाजे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, ईशा फाउंडेशन के जग्गी वासुदेव, पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ और अनिल कुंबले सहित कई बड़ी हस्ती कू पर आ चुके हैं, इसके अलावा, केंद्रीय आईटी मंत्रालय, भारतीय डाक और नीति आयोग उन सरकारी विभागों में शामिल हैं जिनका ऐप पर खाता है।

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