सोनिया, राहुल और वाड्रा के खिलाफ चल रहे घोटालों के मुकदमों पर न्यायालय संज्ञान क्यो नही लेता: राज्यसभा, सांसद

ट्विटर पर काफी सक्रिय रहने वाले राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने पूछा है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी तथा रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जो हजारों करोड़ के घोटाले के मुकदमें चल रहे हैं, वो सब ठण्डे बस्ते में क्यों पड़े हैं, न्यायालय आखिर संज्ञान क्यों नहीं लेता। संसदीय राजभाषा समिति के सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, भारत के लोग जाना चाहते हैं राहुल गांधी, सोनिया गांधी व उनके दामाद रॉबर्ट बाड्रा के खिलाफ कई सालों से हजारों करोड़ के घोटालो के मुकद्दमे ठंडे बस्ते में क्यो पड़े हैं? न्यायालय उनका संज्ञान क्यो नही लेता।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा पर घोटालों के कई मुकदमें चल रहे हैं, फिलहाल सभी जमानत पर बाहर हैं.

वर्ष 2012 में सोनिया गांधी और उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर डीएलएफ घोटाले का आरोप लगा। उनपर शिकोहपुर गांव में कम दाम पर जमीन खरीदकर भारी मुनाफे में रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ को बेचने का आरोप लगा। रॉबर्ट वाड्रा पर डीएलएफ से 65 करोड़ का ब्याज-मुक्त लोन लेने का आरोप लगा। हजारों करोड़ के नेशनल हेरॉल्ड घोटाले में राहुल-सोनिया आरोपी हैं.

2013 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पर इतालवी चॉपर कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से कमीशन लेने के आरोप लगे. अगस्ता वेस्टलैंड से भारत को 36 अरब रुपए के सौदे के तहत 12 हेलिकॉप्टर ख़रीदने थे. ऐसे कई घोटालें हैं जिनमें गाँधी परिवार आरोपी है.