डीजीपी पद छोड़कर राम नाम की महिमा का उपदेश देनें लगे गुप्तेश्वर पांडेय, अयोध्या में डाला डेरा

बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक ( डीजीपी ) गुप्तेश्वर पांडेय ने पिछले साल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी, डीजीपी पद छोड़कर पांडेय अब अब धर्म कार्य में जुट गए हैं, राम नाम की महिमा का उपदेश दे रहे हैं, कथा के माध्यम से लोगों को जीवन का मर्म समझा रहे हैं, जी हाँ! मिली जानकारी के मुताबिक़ गुप्तेश्वर पांडेय इन दिनों अयोध्या के हनुमानगढ़ी में हैं, रामभक्त हनुमान की भक्ति में लींन हैं और लोगों को भी कथा सुना रहे हैं, सोशल मीडिया पर पांडेय की कथा सुनाते वक्त की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. ( Gupteshwar Pandey New Gateup )

तस्वीर में गुप्तेश्वर पांडेय गेरुआ वस्त्र पहनकर भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं और श्रीमद्भागवत कथा सुना रहे हैं। खाकी और खादी के बाद अब गेरुआ में उनका नया रूप चर्चा का विषय बना है. दैनिक जागरण से बात करते हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, मन अभी कथा सुनाने में रमा हुआ है, तन-मन और धन से अभी इसी में जुटे हुए हैं. ( Gupteshwar Pandey New Gateup )

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय संस्कृत से स्नातक हैं, इसलिए उन्हें कथा सुनाने में कोई परेशानी नहीं हो रही है..पांडेय इस समय हनुमानगढ़ी में नित्य पूजा करके सबके कल्याण की कामना कर रहे हैं. ( Gupteshwar Pandey New Gateup )

आपको बताए दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान VRS लेकर गुप्तेश्वर पांडेय ने जनता दल यूनाइटेड ( जदयू ) का दामन थाम लिया था, हालाँकि उनकी उम्मीदों को उस वक्त झटका लगा, जब नीतीश कुमार ने उन्हें टिकट नहीं दिया। बक्सर में गुप्तेश्वर पांडेय चुनाव की तैयारी करने लगे थे, लेकिन नीतीश कुमार ने टिकट न देकर उन्हें बड़ा झटका दिया।

बॉलवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार के डीजीपी पद पर आसीन गुप्तेश्वर पांडेय जिस तरह का बयान दे रहे थे, उससे साफ़ हो गया था कि वो अब राजनीती में आना चाहते हैं, आख़िरकार वो राजनीति में आये लेकिन उनकी सियासी पारी टिकाऊ नहीं रही.