अब्दुल समद से नहीं बुलवाया गया था ‘जय श्री राम’, खुद उसके बिरादर वालों ने पीटा और दाढ़ी काटा!

सोशल मीडिया पर दो दिन से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति ( जिसकी पहचान अब्दुल समद के रूप में हुई ) से मारपीट की जा रही है और उसकी दाढ़ी काटी जा रही है, उसके बाद एजेंडाधारियों ने वीडियो शेयर कर कहा कि हिन्दुओं ने मुस्लिम व्यक्ति से जबरन जय श्री राम बुलवाया और दाढ़ी काट दी, मामला दिल्ली से सटे गाजियाबाद का है, हालाँकि गाजियाबाद पुलिस ने जो सच्चाई बताई, उसे सुनकर एजेण्डाबाजों को करारा आघात लगेगा, जी हाँ! पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो में जो मुस्लिम बुजुर्ग पिटता हुआ दिखाई दे रहा है, वह ताबीज बनानें का काम करता है, कुछ लोगों ने उससे ताबीज ली, ताबीज असरदार नहीं हुई, जिसके बाद उन लड़कों ने मुस्लिम बुजुर्ग की दाढ़ी भी काटी और कायदे से पिटाई भी की, यानि इसमें ‘जय श्रीराम’ का कहीं जिक्र नहीं है, इसके बावजूद एजेण्डाबाजों ने मामलें को जय श्री राम से जोड़ने का असफल कुकृत्य किया। ghaziabad abdul samad issue

पीड़ित सूफी अब्दुल समद ने भी आऱोप लगया कि उसे मुस्लिम होने की वजह से पीटा गया, दाढ़ी काटी गई, और जय श्री राम न बोलने पर उसे मारा गया. प्रथम दृष्टया यही लगता है कि हो सकता है, किसी ने अब्दुल को मामलें को दूसरे एंगल से तूल देने की बात कही हो. ghaziabad abdul samad issue

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि न तो मौलवी से जय श्री राम बोलने के लिए कहा गया और न ही उसके साथ मुस्लिम होने की वजह से मारपीट की गई. मामला नकली ताबीज बनाकर ठगी से उपजे विवाद का था, जिसे सांप्रदायिक रंग दिया गया. इतना ही नहीं आरोपी और पीड़ित पक्ष एक ही धर्म के हैं. यानि उसके बिरादर वालों ने ही पीटा। ghaziabad abdul samad issue

पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस ने कल्लू और आदिल को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं पोली, आरिफ व मुशाहिद फरार हैं. इनको भी गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.