धारा 370 हटने के बाद से किसान परेशान हैं: राकेश टिकैत

Rakesh tikait and Tikri
Rakesh tikait and Tikri border

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानून के विरोध में लगभग 6 महीनें से आंदोलन कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत अब किसानों के मुद्दे पर कम, राजनीतिक मुद्दे पर ज्यादा प्रतिक्रया दे रहे हैं, इसी कड़ी में राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait Article 370 ) ने कहा, कश्मीर से धारा 370 हटने से किसान परेशान हैं, टिकैत ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू कश्मीर के मुख्यधारा के दलों के नेताओं के साथ दिल्ली में एक बैठक की, इस बैठक में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती समेत 14 नेता शामिल हुए थे.

समाचार चैनल आजतक से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait Article 370 )  ने कहा, धारा 370 हटने के बाद से किसान परेशान हैं. घाटी में सिर्फ कुछ निजी कंपनियों को फायदा दिया जा रहा है. वहीं अगर किसान इस सब का विरोध करने लगे तो उन्हें आतंकवादी बता दिया जाता है. उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त 2019 को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटा दिया था तथा लद्दाख को जम्मू कश्मीर को लग करके दोनों को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया था. ( Rakesh Tikait Article 370 )

प्रधानमंत्री मोदी ने आज जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास पर बैठक की, यहाँ बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली, सभी नेताओं ने एक-एक करके अपने एजेंडे को सामने रखा.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, बैठक में PM मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी जगह विकास पहुंचे इसके लिए साझेदारी हो। विधानसभा चुनाव के लिए डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करना होगा ताकि हर क्षेत्र प्राप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व विधानसभा में प्राप्त हो सकें। डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में सभी की हिस्सेदारी हो इसको लेकर बैठक में बातचीत हुई। बैठक में मौजूद सभी दलों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए सहमति जताई। बैठक में PM ने इस बात पर भी जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए सभी हितधारकों को साथ चलना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू कश्मीर के नेताओं को कहा कि वे दिल्ली की दूरी भी मिटाना चाहते हैं और दिल की दूरी भी.