तथाकथित किसान आंदोलन पर भड़के पूर्व DGP विक्रम सिंह, शराफत का फायदा उठा रहे, कार्यवाही जरुरी

कृषि कानून के विरोध में लगभग सात महीनें से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हो रहा किसान आंदोलन बार-बार हिंसक हो रहा है, आज एक बार फिर गाजीपुर बॉर्डर पर बवाल हो गया,उत्तर प्रदेश के भाजपा प्रदेश मंत्री अमित बाल्मिकी के काफिले पर किसान प्रदर्शनकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। लगभग 40-50 गाड़ियों को तोड़ दिया, तथाकथित किसानों ने लाठी-डंडे व् तलवारों से हमला किया, किसानों की इस गुंडागर्दी से गुस्साए उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा, ये शराफत का फायदा उठा रहे हैं, इनपर दंडात्मक कार्यवाही जरुरी हो गई है. Vikram Singh Farmer Protest

यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने जी न्यूज़ पर कहा, शाहीन बाग़ प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने बहुत स्पष्ट कहा है कि आप जनजीवन अस्त-व्यस्त करके आंदोलन नहीं कर सकते हैं, शांतिपूर्ण आंदोलन शासन की अनुमति के बाद ही कर सकते हैं, पूर्व डीजीपी ने कहा, 26 जनवरी पर किसान आंदोलन की आड़ में जो कुछ हुआ ये देश के माथे पर कलंक है, जो कलंक नहीं मानता है वो सजा का हकदार है. पुलिसकर्मियों पर हमला करना ये कतई न्यायसंगत नहीं है, उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस को इतना उदार नहीं होना चाहिए, कार्यवाही करनी चाहिए थी. Vikram Singh Farmer Protest


पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा, पुलिसकर्मियों को हरी झंडी की जरूरत है, उन्होंने कहा, जो सड़क जाम करके बैठे हैं वो पुलिस की शराफत का बेजा फायदा उठा रहे हैं, पूर्व डीजीपी ने यह भी कहा कि मैं भी किसान हूँ, लेकिन मेरा कानून से कोई नुकसान नहीं हुआ, विक्रम सिंह ने कहा, जब मैं डीजीपी था तो इसी तरह का आंदोलन हुआ, पकड़कर के सबको बंद कर दिया गया था..हम शिस्टाचार उससे दिखाएं जो उसके लायक हो, बाकि जो जिस भाषा में समझे उसे उसी भाषा में समझाना न्यायसंगत होगा। Vikram Singh Farmer Protest

जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश मंत्री अमित बाल्मीकि आज दिल्ली से गाजियाबाद आ रहे थे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए यूपी गेट पहुंचे गए। यूपी गेट पर समर्थकों के स्वागत करने के दौरान किसान प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर हमला बोल दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे भी दिखाए। इसके बाद जानलेवा हमला कर दिया।, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं.