मनी लॉन्ड्रिंग केस: ED की बड़ी कार्यवाही, अनिल देशमुख के 2 करीबियों को किया गिरफ्तार, हो सकते हैं?

प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने बड़ी कार्यवाही करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख के दो करीबियों संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे को गिरफ्तार किया है, 100 करोड़ रुपये की वसूली मामलें में दोनों की गिरफ़्तारी हुई है..समाचार एजेन्सी PTI ने अधिकारियों के हवाले से कहा, लगभग नौ घंटे की पूछताछ के बाद देशमुख के दोनों सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई. Anil Deshmukh ED

ईडी ने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया क्योंकि वे मुंबई के बलार्ड एस्टेट में केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहे थे। दोनों को आज सुबह 11 बजे पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा नागपुर और मुंबई में देशमुख के आवास पर तलाशी लेने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। ईडी के मुताबिक पांच जगहों पर छापेमारी की गई है. Anil Deshmukh ED

100 करोड़ की वसूली का आरोप लगने के बाद ED ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख के खिलाफ 11 मई को मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। भ्रस्टाचार का आरोप लगने के बाद देशमुख ने अप्रैल में राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने 71 वर्षीय अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा लगाए गए 100 करोड़ रुपये के रिश्वत के आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। Anil Deshmukh ED

इस मामलें पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल देशमुख ने कहा, परम बीर सिंह ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए, जब उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से उनकी संदिग्ध भूमिका पर हटा दिया गया था। इसके बाद उन्होनें झूठे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “जब वह पद पर थे तो उन्होंने आरोप क्यों नहीं लगाए? आप जानते हैं कि परम बीर सिंह ने मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के बाद मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए क्योंकि उनकी भूमिका बहुत संदिग्ध थी।”