फिर की गयी यति नरसिंहानंद को मारने की कोशिश, काशी गुप्ता बन डासना मंदिर में घुसा मोहम्मद कासिफ

डासना मंदिर के सन्त नरसिंहानंद

गाजियाबाद में स्थित ‘डासना देवी मंदिर’ के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती लम्बे समय से कट्टरपंथियों के निशानें पर हैं, वेश बदलकर यति की ह्त्या करने आये कटटरपंथी अपने नापाक मंसूबों में असफल हो गए और पकडे गए, अब पुलिस अच्छी से खातिरदारी करेगी। 15 दिन पहले जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी जान मोहम्मद याति की ह्त्या करने कश्मीर से दिल्ली आया था, डासना मंदिर पहुँच पाता उससे पहले दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

यति नरसिंहानंद की ह्त्या करने के लिए मोहम्मद कासिफ ने काशी गुप्ता नाम से मंदिर में प्रवेश किया था, लोगों को शक हुआ तो तुरंत इसकी चेकिंग की,उसके बैग की जांच में सर्जिकल ब्लेड व साइनाइड कैप्सूल मिले हैं।

दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक, यति नरसिंहानंद को बुधवार को दोबारा मारने की कोशिश की गई, बुधवार को मंदिर परिसर में दो संदिग्ध घुस आये. सेवादारों को संदिग्ध लगने के बाद तलाशी ली गई तो बैग से सर्जिकल ब्लेड व् कुछ आपत्तिजनक दवाएं बरामद हुई. दावा किया गया है कि यह दवा घातक जहर है, इसके बाद सेवादारों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों हिन्दू पहचान बताकर मंदिर में घुसे थे, लेकिन एक की पहचान मुस्लिम के रूप में हुई है. उसने अपना नाम कासिफ बताया है.

यति नरसिंहानंद ने जागरण को बताया, ‘मंदिर परिसर में पुलिस की तरफ से एक गॉर्ड तैनात है, रात करीब नौ बजे पुलिसकर्मियों के रजिस्टर में एक ने अपनी इंट्री नागपुर के डॉ विपुल विजयवर्गीय नाम से कराई, दूसरे ने अपनी इंट्री काशी गुप्ता नाम से कराइ। दोनों मंदिर में प्रवेश कर गए, अंदर सेवादारों ने जब तलाशी ली तो काशी गुप्ता मोहम्मद कासिफ निकला, तुरंत कबूल भी लिया, अब डॉ विपुल विजयवर्गीय की जाँच जारी है.

डासना मंदिर के संत को मारने पुलवामा से आया था आतंकी जहांगीर

इससे पहले कश्मीर से एक आतंकी डासना देवी मंदिर के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती की की हत्या करने आया था, अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो पाता, उससे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आतंकी जहांगीर के पास से पुलिस ने एक भगवा ड्रेस, कलावा, माला और चन्दा टीका तथा 30 बोर की पिस्टल व् गोला-बारूद बरामद किया था.