पंजाब: बसपा ने किया अकाली दल से गठबंधन, मायावती बोलीं- कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंके जनता

पंजाब में 27 साल बाद फिर दो पार्टियों ने गठबंधन ( BSP Akali Dal Alliance ) किया है, जी हाँ! कभी भाजपा की सहयोगी रही अकाली दल इस बार पंजाब में बसपा के साथ मिलकर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल ने कहा बसपा 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। दलित बहुल दोआबा क्षेत्र में 8, मालवा में 7 और माझा बेल्ट में 5। 1996 के लोकसभा चुनाव के 27 साल बाद दोनों पार्टियां फिर से एक साथ आ रही हैं, बादल की पार्टी ने पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा बनाए तीन नए कृषि कानूनों की खिलाफत करते हुए भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था.

अकाली दल और बसपा के गठबंधन ( BSP Akali Dal Alliance ) का स्वागत करते हुए बसपा सुप्रीमों मायावती ने पंजाब की जनता से कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अभी से ही जुट जाने की अपील की, इसके अलावा मायावती ने पंजाब की कांग्रेस सरकार को गरीब, दलित विरोधी सरकार करार दिया।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व् बसपा सुप्रीमों मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, पंजाब में आज शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी द्वारा घोषित गठबंधन यह एक नया राजनीतिक व सामाजिक पहल है, जो निश्चय ही यहाँ राज्य में जनता के बहु-प्रतीक्षित विकास, प्रगति व खुशहाली के नए युग की शुरूआत करेगा। इस ऐतिहासिक कदम के लिए लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ( BSP Akali Dal Alliance )


मायावती ने लिखा, वैसे तो पंजाब में समाज का हर तबक़ा कांग्रेस पार्टी के शासन में यहाँ व्याप्त गरीबी, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी आदि से जूझ रहा है, लेकिन इसकी सबसे ज्यादा मार दलितों, किसानों, युवाओं व महिलाओं आदि पर पड़ रही है, जिससे मुक्ति पाने के लिए अपने इस गटबन्धन को कामयाब बनाना बहुत जरूरी। ( BSP Akali Dal Alliance )

एक अन्य ट्वीट में बसपा सुप्रीमों ने लिखा, पंजाब की समस्त जनता से पुरज़ोर अपील है कि वे अकाली दल व बी.एस.पी. के बीच आज हुये इस ऐतिहासिक गठबन्धन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए यहाँ सन् 2022 के प्रारम्भ में ही होने वाले विधानसभा आमचुनाव में इस गठबन्धन की सरकार बनवाने में पूरे जी-जान से अभी से ही जुट जाएं।