BSF ने नाकाम की घुसपैठ, अवैध तरीके से बंगाल में घुस रहे 3 बांग्लादेशियों को धर दबोचा

बीते पश्चिम बंगाल चुनाव विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा जमकर गूंजा था, जबतक चुनाव हुए कोई घुसपैठ नहीं हुई, चुनाव ख़त्म हुए, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) की तीसरी बार सरकार बनी. ममता सरकार बनते ही बांग्लादेशी घुसपैठियों ने फिर से बंगाल में अवैध तरीके से घुसपैठ शुरू कर दी, लेकिन सीमा सुरक्षा बल ( BSF ) की मुस्तैदी ने इस घुसपैठियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। ( BSF Bengal )

दो बांग्लादेशी अवैध तरीके से बंगाल में घुसपैठ कर रहे थे, सीमा सुरक्षा बल ( BSF ) के जवानों ने बॉर्डर पर ही धर दबोचा। BSF ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि सीमा सुरक्षा बल दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के अन्तर्गत सीमा चौकी-हाकिमपूर, 112वीं वाहिनी के जवानो ने 28 जून 2021 को, सतखीरा जिले के रहने वाले 02 बांग्लादेशी पिता व पुत्र को बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के रास्ते अवैध तरिके से अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पार करते हुए गिरफ्तार किया। ( BSF Bengal )


एक अन्य घटना में सीमा चौकी-जीतपुर, 99वीं वाहिनी बीएसएफ के जवानों ने नदिया जिले के रास्ते अवैध रूप से सीमा पार करते हुए बांग्लादेश के जैसोर जिले की रहने वाली 33 वर्षीय नजमा खातून नामक एक महिला को गिरफ्तार किया। ( BSF Bengal )

25 दिन पहले BSF जवानों ने उत्तरी दिनाजपुर में 11 बांग्लादेशियों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया। बांग्लादेशी घुसपैठियों ने पूछताछ में बताया कि उनसे भारतीय दलालों (पश्चिम बंगाल निवासी) ने सीमा पार कराने के लिए पैसे लिए.

बता दें कि बांग्लादेशी घुसपैठिये बंगाल में अवैध घुसपैठ करने की कोशिश करते रहते हैं, कई कामयाब भी हो जाते हैं, लेकिन ज्यादातर घुसपैठियों को BSF के जवान पकड़ लेते हैं, हैरान करने वाली बात यह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का बंगाल में राशन कॉर्ड समेत तमाम डॉक्युमेंट्स भी बन जाते हैं, यही नहीं आधार और वोटर आईडी कार्ड भी बन जाते हैं, चुनाव के दौरान एक न्यूज़ चैनल ने इसका खुलासा किया था.

अब सवाल यह उठता है कि बंगाल में आखिर बांग्लादेशी घुसपैठियों की इतनी मदद कौन करता है, कौन है वह दलाल जिसे पुलिस-प्रसाशन का कोई डर नहीं बेख़ौफ़ होकर घुसपैठ कराता है, अगर जांच हो जाए तो सब सामने आ सकता है.