बंगाल: ममता की सरकार बनते ही बांग्लादेशी घुसपैठियों की आई मौज, लेकिन BSF ने घुसपैठ को नाकाम कर दिया

BSF ने 11 घुसपैठियों को किया गिरफ्तार

बीते पश्चिम बंगाल चुनाव विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा जमकर गूंजा था, जबतक चुनाव हुए कोई घुसपैठ नहीं हुई, चुनाव ख़त्म हुए, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) की तीसरी बार सरकार बनी. ममता सरकार बनते ही बांग्लादेशी घुसपैठियों ने फिर से बंगाल में अवैध तरीके से घुसपैठ शुरू कर दी, लेकिन सीमा सुरक्षा बल ( BSF ) की मुस्तैदी ने इस घुसपैठियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

बांग्लादेशियों को बंगाल में घुसपैठ कराने वाले कोई और नहीं बल्कि बंगाल के ही कुछ दलाल हैं, दलाल पैसे लेकर 11 बांग्लादेशियों की घुसपैठ करा रहे थे लेकिन BSF की नजर से बच नहीं सके. BSF ने सभी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर लिया।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बनते ही बांग्लादेशी घुसपैठियों और दलालों की बांछें खिल गईं। चुनाव तक ठंडे रहे पैसे लेकर सरहद पार कराने वाले बी दलाल फिर सक्रिय हो गए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर बॉर्डर पर मुस्तैद BSF जवानों ने उत्तरी दिनाजपुर में 11 बांग्लादेशियों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया। बांग्लादेशी घुसपैठियों ने पूछताछ में बताया कि उनसे भारतीय दलालों (पश्चिम बंगाल निवासी) ने सीमा पार कराने के लिए पैसे लिए.

बता दें कि बांग्लादेशी घुसपैठिये बंगाल में अवैध घुसपैठ करने की कोशिश करते रहते हैं, कई कामयाब भी हो जाते हैं, लेकिन ज्यादातर घुसपैठियों को BSF के जवान पकड़ लेते हैं, हैरान करने वाली बात यह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का बंगाल में राशन कॉर्ड समेत तमाम डॉक्युमेंट्स भी बन जाते हैं, यही नहीं आधार और वोटर आईडी कार्ड भी बन जाते हैं, चुनाव के दौरान एक न्यूज़ चैनल ने इसका खुलासा किया था.

अब सवाल यह उठता है कि बंगाल में आखिर बांग्लादेशी घुसपैठियों की इतनी मदद कौन करता है, कौन है वह दलाल जिसे पुलिस-प्रसाशन का कोई भी नहीं बेख़ौफ़ होकर घुसपैठ कराता है, अगर जांच हो जाए तो सब सामने आ सकता है.