किसान नेता ने राकेश टिकैत पर लगाए गए बेहद गंभीर आरोप, आंदोलनकारी भी सुनकर हुए हैरान

Rakesh tikait and Tikri
Rakesh tikait and Tikri border

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों का दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर लगभग 6 महीनें से आंदोलन जारी है, गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, टिकैत पर अब यूपी के ही एक बड़े किसान नेता ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, दैनिक जागरण के मुताबिक़, भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा है कि राकेश टिकैत और उनके साथियों का हमेशा से यही काम रहा है, आंदोलन को बेचना और अपना पेट भरना। bku and rakesh tikait

उन्होंने यहां तक कह दिया कि राकेश टिकैत जब दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे थे तब कांग्रेस की फंडिंग चल रही थी। पिछले महीने राकेश टिकैत पश्चिमी बंगाल में ममता बनर्जी से पैसे लेने गए थे। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राकेश टिकैत ने टीएमसी के लिए प्रचार किया था. bku and rakesh tikait

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई हिंसा के बाद अब किसान संगठनों में फूट पड़ गई थी, भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया था, भानु प्रताप सिंह ने आंदोलन खत्म करते हुए कहा था कि जो कुछ 26 जनवरी को हुआ, उससे मुझे बेहद तकलीफ पहुंची है. जिन लोगों ने पुलिस पर हमला किया, जिन्होंने उदडंता की, किसान संगठनों को बदनाम किया मैं उन सबका विरोध करता हूं. bku and rakesh tikait

मालूम हो कि कृषि कानून के विरोध में चल रहा आंदोलन अब आराजकता में तब्दील हो रहा है, पिछले महीनें टीकरी बॉर्डर से एक युवती से बालात्कार की खबर सामने आई थी, अब एक व्यक्ति को किसान आंदोलन में ज़िंदा जला दिया गया. इन दो घटनाओं के बाद अब किसानों का समर्थन करने वाले लोग भी पीछे हटने लगे हैं, अगर ऐसा ही चलता रहा तो कुछ दिन बाद दिल्ली बॉर्डर पर सिर्फ गिने-चुने लोग रह जाएंगे।