भाजपा सांसद ने केजरीवाल से पूछा, सिर्फ मौलवियों को सैलरी क्यों? पुजारियो को सैलरी क्यूँ नही?

कोरोना वायरस संकट के बीच भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से पूछा है कि सिर्फ मौलवियों को ही सैलरी क्यों दी जा रही है, मंदिर के पुजारियों को क्यों वंचित रखा जा रहा है, इसके अलावा उन्होंने डॉ अनस मुजाहिद और शहीद कांस्टेबल अमित राणा के मुद्दे को लेकर भी केजरीवाल पर हमला बोला है.

दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के ट्विटर प्रोफ़ाइल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, अयोग्य अरविन्द केजरीवाल जो कहते हो, वो किया भी करो। अगर सभी धर्मों को एक समान मानते हो तो सिर्फ फ़तवाधारी मौलवियों से ही प्रेम क्यूँ? पुजारियो को सैलरी क्यूँ नही? कोरोना योद्धा कांस्टेबल अमित से नफ़रत और डॉ॰अनस मुजाहिद से प्रेम क्यूँ? अयोग्य के साथ साथ साम्प्रदायिक भी हो।

दरअसल भाजपा सांसद ने केजरीवाल का जो ट्विटर बॉयो शेयर किया है, उसमें उन्होंने लिखा है कि ‘सब इंसान बराबर हैं, चाहे वो किसी धर्म या जाति के हों। हमें ऐसा भारत बनाना है जहाँ सभी धर्म और जाति के लोगों में भाईचारा और मोहब्बत हो, न कि नफ़रत और बैर हो’। हालाँकि केजरीवाल अपने बॉयो का पालन खुद नहीं करते।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकते है कि दिल्ली में मौलवियों और इमामों को सैलरी दी जाती है, लेकिन मंदिर के पुजारियों को फूटी कौड़ी भी नहीं दी जाती, कोरोना से लड़ते हुए दिल्ली में 100 से ज्यादा दिल्ली के डॉक्टर शहीद होते हैं, लेकिन एक करोड़ मुवावजा केजरीवाल सिर्फ डॉ अनस मुजाहिद के परिवार को देते हैं. कोरोना से लड़ते हुए शहीद हुए कॉन्स्टेबल अमित राणा की पत्नी को आज भी मदद की दरकार है, केजरीवाल वादा करके भूल चुके हैं.

रमेश विधूड़ी से पहले दिल्ली के भाजपा विधायक रामवीर सिंह विधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पत्र लिखकर मांग की थी कि दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा जिस प्रकार मस्जिद के इमामों को हर महीनें 18000 रूपये सैलरी दी जा रही है वैसे ही मंदिर के पुजारियों को भी सैलरी दी जाय ताकि कोरोना संकट के दौरान उनकी रोजी-रोटी चल सके। लेकिन केजरीवाल ने ध्यान नहीं दिया।