Mamata Banerjee को महंगा पड़ा मोदी सरकार से टक्कर लेना, अब करना होगा कार्यवाही का सामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने एक बार फिर मोदी सरकार को अपना तेवर दिखाया है, लेकिन अब ये तेवर उन्हें काफी महंगा पड़ने वाला है, जिसका अंदाजा भी उन्हें न होगा, दरअसल दरअसल हुआ ये कि बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय का गृहमंत्रालय ने तबादला कर दिया था और उन्हें 31 मई को सुबह 10 बजे डीओपीटी, नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था. लेकिन बंदोपाध्याय 31 मई को दिल्ली नहीं पहुंचे। जिसके बाद अब मोदी सरकार उनपर कार्यवाही करने का मन बना चुकी है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ये एकतरफा आदेश मान्य नहीं। अब उन्होंने ने बंदोपाध्याय से इस्तीफा दिलवाकर अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त कर लिया है, मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद केंद्र और राज्य के बीच अब तकरार और बढ़ सकती है. पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय ने सोमवार दोपहर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार के रूप में नियुक्त होने के लिए इस्तीफा दे दिया। नए आदेश के अनुसार, बंद्योपाध्याय 1 जून से तीन साल की अवधि के लिए नई भूमिका निभाएंगे। एचके द्विवेदी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। बंद्योपाध्याय वेतन हर महीनें ढाई लाख होगा।

Mamata Banerjee, Amit Shah and Alpan Bandyopadhyay

Mamata Banerjee ने कहा, “मैं अलपन को उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद देता हूं। बंगाल के लिए उनका काम उत्कृष्ट रहा है … उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए हम उन्हें 3 साल की अवधि के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में नियुक्त कर रहे हैं, इससे पहले, सोमवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में, बनर्जी ने कहा कि वह “एकतरफा आदेश” से “हैरान और स्तब्ध” थीं, जिसमें बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय को केंद्र को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था. जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार सर्विस रूल्स का उल्लंघन करने को लेकर अलपन बंदोपाध्याय के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी।