राम मंदिर के लिए 1 रुपये भी न दान देने वाले अशोक गहलोत ट्रस्ट के जांच की मांग कर रहे हैं!

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया है, संजय सिंह ने दावा किया है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या में 18.5 करोड़ रुपये में जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदे जाने से 10 मिनट पहले सिर्फ 2 करोड़ रुपये में बेचा गया था. संजय सिंह के इस तथाकथित आरोप ( जिसे विहिप पर्दाफाश कर चुका है ) के बाद अब कांग्रेस वाले भी बुलबुले की तरह ऊपर उतरा आये हैं, राजस्थान के मुख्यमंत्री ने तो जांच की मांग कर डाली है. ( ashok gehlot and rammandir )

राजस्थान के मुख्यमंत्री व् कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा, राजस्थान की जनता ने आस्था के साथ राम मंदिर निर्माण में देशभर में सर्वाधिक योगदान दिया था लेकिन निर्माण कार्य की शुरुआत में ही चन्दे के गबन की खबरों से आमजन की आस्था डिग गई है। कोई विश्वास नहीं कर पा रहा है कि मिनटों में कैसे जमीन का दाम 2 करोड़ रुपये से 18 करोड़ रुपये हो गया। ( ashok gehlot and rammandir )


दूसरे ट्वीट में गहलोत ने लिखा, प्रदेश के बंशी पहाड़पुर से अवैध खनन कर गुलाबी पत्थर राम मंदिर के लिए भेजा जा रहा था।हमने प्रयास किया कि इस पावन कार्य में अवैध तरीके से निकाला गया पत्थर ना जाए इसलिए हमने प्रयास कर यहां हो रहे पत्थर खनन के कार्य को भारत सरकार से लीगल तरीके से वैधता दिलवाई जिसका हमें संतोष है। लेकिन इस पावन कार्य में मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट द्वारा ही आर्थिक हेर-फेर की अनैतिक गतिविधियां करने से देशभर के श्रद्धालु बेहद आहत हैं। कोई सोच नहीं सकता था कि मन्दिर निर्माण जैसे पवित्र काम में भी लोग घोटाले करने लगेंगे। ( ashok gehlot and rammandir )

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, केन्द्र सरकार को अविलंब इस मामले की जांच करवानी चाहिए जिससे लोगों की आस्था एवं विश्वास बना रहे एवं देशवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ के दोषियों को सजा मिल सके।

आपको बता दें कि दरगाह के लिए 100 करोड़ का बजट देने वाले अशोक गहलोत ने राममंदिर निर्माण के लिए चंदा तो छोडो शुभकामनाएं भी नहीं दी, जानकारों का मानना है कि राममंदिर के लिए चंदा देते तो विशेष समुदाय का वोटबैंक खिसकने का खतरा रहता है, इसलिए खतरा नहीं मोल लिया।