सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर समुदाय विशेष को भड़का रहा है अमानतुल्लाह खान, खुल गई पोल

दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी ( आप ) का विधायक अमानतुल्लाह खान हमेशा उल्टा-सीधा बयान देता रहता है, अब इसे कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है तो सेंट्रल विस्टा के खिलाफ मुस्लिम समुदाय को भड़कानें की नापाक कोशिश कर रहा है, अमानतुल्लाह खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की वजह से पुरानी मस्जिदों के नुकसान का मुद्दा उठाया था, इस चिट्ठी के जरिये अमानतुल्लाह इस प्रोजेक्ट को लेकर एक वर्ग विशेष को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.

समाचार चैनल जी हिंदुस्तान ने अमानतुल्लाह खान के दावों को धता बताते हुए कहा कि #CentralVistaProject के नक्शे में अपनी जगह पर कायम हैं सारी मस्जिदें! अमानतुल्लाह प्रोजेक्ट को लेकर एक वर्ग विशेष को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि अमानतुल्लाह खान ने ट्वीट कर कहा था कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की वजह से कई पुरानी मस्जिदों को संभावित नुक्सान की ख़बर मिली थी, इस मामले में मैंने आज प्रधानमंत्री जी को चिट्टी लिखकर मस्जिदों को नुक़सान न पहुँचाने की माँग की और दस दिनों के अंदर इस मुद्दे पर सरकार का स्पष्टीकरण माँगा।

गौरतलब है कि हाल ही में ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ को रुकवाने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दी है, अदालत ने याचिकाकर्ता पर 1 लाख रूपये का जुर्माना भी ठोंका है, अदालत ने कहा, मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि ये राष्ट्रीय महत्व की एक अनिवार्य परियोजना है, निर्माण कार्य रोकने का कोई औचित्य नहीं. कोर्ट ने आगे कहा कि याचिका एक वास्तविक जनहित याचिका याचिका नहीं है बल्कि एक “प्रेरित” है, इसलिए याचिकाकर्ता पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया.

अन्या मल्होत्रा ​​​​और सोहेल हाशमी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना की स्थिति और संभावित सुपर स्प्रेडर के रूप में निर्माण कार्य से उत्पन्न खतरे के कारण सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना को “आवश्यक सेवा” के रूप में वर्गीकृत करने का कोई औचित्य नहीं था.