जबतक पुराने कानून हैं किसी भ्रस्टाचारी को फांसी नहीं होगी, अंग्रेजी कानूनों को जलाएंगे अश्विनी उपाध्याय

अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने ट्वीट कर ऐलान किया है कि वो भारत छोड़ो आंदोलन की 79वीं वर्षगांठ पर आजादी से पहले बनें कानूनों को जलाएंगे, उपाध्याय ने लोगों से अपील की है कि वो अगस्त में आये और अपने साथ अंग्रेजी कानूनों की फोटोकॉपी ले लाएं ताकि इसे जलाया जा सके. अश्विनी उपाध्याय ने अपने ट्वीट में लिखा, रविवार 8 अगस्त सुबह 10 बजे जंतर-मंतर अपने मित्रों के साथ आएं और किसी एक अंग्रेजी कानून की फोटोकॉपी भी ले आएं. भारत छोड़ो आंदोलन की 79वीं वर्षगांठ पर 1947 से पहले बने कानूनों को जलाएंगे।

अश्विनी उपाध्याय ने कहा, चाहे चौकसी हो या माल्या, ललित हो या नीरव, इनको आज के कानूनों के तहत पकड़ना बहुत मुश्किल है, क्योंकि हमारे कानून बहुत घटिया हैं, उन्होंने कहा, घटिया कानून का ही नतीजा है कि नीरव, ललित माल्या जैसे लोग भारत में पैदा होते हैं, ऐसे घोटालेबाज सिंगापुर अमेरिका, फ़्रांस जर्मीन और चीन में नहीं पैदा होते। अगर ये लोग सिंगापुर अमेरिका, फ़्रांस जर्मीन और चीन में पैदा हुए होते और घोटाला करते तो अबतक इनको फांसी पर लटका दिया जाता। इनकी प्रॉपर्टी सीज हो जाती। इनको सबको आजीवन कारावास या फांसी हो चुकी होती।

अश्विनी ने कहा, हमारे कानून बहुत घटिया हैं, इसी का नतीजा है कि आराम से ये जबतक कांग्रेस सरकार थी यहीं घोटाला करने के बावजूद भारत में आराम से गोल्फ खेल रहे थे, सरकार बदली इनको लगा पकडे जाएंगे तो देश छोड़कर भाग गए. उन्होंने कहा, घटिया कानूनों को बदलनें की सख्त जरूरत है, उपाध्याय ने कहा, 1860 का इंडियन पीनल कोड जबतक नहीं बदला जाएगा। 1861 आ पुलिस एक्ट जबतक नहीं बदला जाएगा, 1872 का एविडेंस एक्ट जबतक नहीं बदला जाएगा तबतक भगोड़ों को पकड़ना और सजा दिलाना नामुमकिन है.


उन्होंने कहा कि घटिया कानूनों का ही नतीजा है कि आजादी के बाद से आजतक एक भी घोटालेबाज की हंड्रेड फीसदी प्रॉपर्टी सीज नहीं हुई, किसी एक भी घोटालेबाज को फांसी या आजीवन कारावास की सजा नहीं हुई.