जानिये अरविन्द केजरीवाल क्यों कर रहे हैं टीके पर राजनीति?

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नई दिल्ली: भारत के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री टीका खरीदने के लिए अपने अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री टीके पर राजनीति कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर आरोप पर आरोप लगा रहे हैं।

टीके पर राजनीति के पीछे अरविन्द केजरीवाल का एक मकसद है। वह चाहते हैं कि केंद्र सरकार टीका खरीदे और दिल्ली को दे, अगर केंद्र सरकार दिल्ली से टीके का बिल मांगेगी तो केजरीवाल कहेंगे- देखो मोदी दिल्ली वालों से टीके के पैसे मांग रहा है। वह इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर भाजपा के खिलाफ चुनावी हथियार बना चाहते हैं।

केजरीवाल चाहते हैं कि टीका खरीदने के लिए उन्हें पैसा खर्च ना करना पड़े और सारा बोझ केंद्र सरकार अपने कंधे पर उठाए लेकिन अगर केंद्र सरकार ऐसा करेगी तो उसे सभी राज्यों का बोझ उठाना पड़ेगा और इससे केंद्र सरकार के खजाने पर बहुत बड़ा बोझ पड़ेगा।

दूसरा कारण यह है – कई टीकों के साइड-इफ़ेक्ट भी हो रहे हैं, अभी तक किसी भी टीके को WHO की तरफ से आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है, सिर्फ इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिली है, अभी अधिकतर टीके ट्रायल फेज से ही गुजर रहे हैं, अगर मोदी के जरिये टीका खरीदा जाएगा तो सारा इल्जाम भी मोदी के सर मढ़ा जाएगा।

जबकि केंद्र सरकार चाहती है कि सभी राज्य सरकारें अपनी जनता के लिए खुद ही टीका खरीदें और अच्छे बुरे की जिम्मेदारी भी उठाने को तैयार रहें। ये नहीं कि बाद में सारा आरोप मोदीजी के सर पर मढ़ दिया जाय।