बंगाल में ज्यादातर दलित हो रहे गुंडों का शिकार, दलितों के ठेकेदार खामोश, सेकुलरिज्म खतरे में पड़ने का डर

बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद अराजकता चरम पर है, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश सिंह ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि बंगाल में ज्यादातर दलित और शोषित वर्ग के लोग गुंडों का शिकार हो रहे हैं लेकिन दलितों के स्वयंभू खामोश हैं, उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहे हैं. पत्रकार ब्रजेश सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा, पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद गुंडागर्दी का शिकार बनने वाले ज्यादातर लोग दलित और शोषित वर्ग के हैं, लेकिन क्या मजाल कि इस वर्ग के स्वयंभू प्रवक्ता बने लोग या फिर इनकी ठेकेदारी करने वाली पार्टियाँ ज़ुबान हिला लें, सेक्युलरिज्म जो ख़तरे में पड़ जाएगा!

पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ‘700 गांवों में हिंसा, रेप और हत्याएं हो रही हैं, ये सब एक समुदाय विशेष लोग कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि यह सब ममता बनर्जी और टीएमसी के नेताओं के इशारे पर हो रहा है, भाजपा कार्यकर्ता घर छोड़कर अज्ञात स्थानों पर जा रहे हैं, आजतक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, गुंडे बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर में आग लगा रहे हैं, महिलाओं से रेप कर रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि ‘पुलिस भी हाथ पर हाथ रखकर बैठी हैं, क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश है कि जो हो रहा है, होने दो।