पूर्णिया में शांतिदूतों ने फूंकी दलित बस्ती, VHP नेता ने CM नीतीश नहीं बल्कि डिप्टी CM से की ये मांग

बिहार के पूर्णिया जिले के बायसी थाना के खपड़ा पंचायत के मझुवा गाँव में मुस्लिम भीड़ ने न सिर्फ महादलित बस्ती के एक दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया बल्कि बस्ती के चौकीदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक़, भीड़ ने कई महिलाओं और दलितों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस पूरी वारदात में गांव के कई लोग घायल हुए हैं।

इस घटना को लेकर विहिप प्रवक्ता विजयशंकर तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं बल्कि उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद से मदद की गुहार लगाई है, उन्होंने कहा, हिन्दुओं के नमक का कर्ज तो चुकाइए उपमुख्यमत्री जी वरना भारी पड़ सकता है, विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजयशंकर तिवारी ने अपने ट्वीट में लिखा, पूर्णिया के मझवा गांव में जिहादियों ने हमला करके दलितों के घर जला किए, पुलिस, सरकार ने कुछ नहीं किया, नितीश जी ने हिन्दुओं के लिए तो पहले भी कुछ नहीं किया, नमक का कर्ज आप तो चुकाइए उपमुख्यमत्री जी, आगे बहुत भारी पड़ सकता है। इससे पहले विहिप प्रकटा विनोद बंसल ने दलित चिंतकों और सेकुलर ब्रिगेड पर सवाल उठाया था।

ऑपइंडिया के मुताबिक़, चौकीदार भरत राय ने इस ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि दिन में थोड़ी बहुत मारपीट हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने आकर उनको समझा कर मामला शांत कर दिया था, लेकिन रात 11:30 बजे लगभग 150 की तादाद में कई गाँवों से भीड़ वहाँ पर पहुँची। सबके हाथ में पेट्रोल का गैलन था। वे घरों पर पेट्रोल डालते गए और आग लगाते गए। जो बीच में आया उसे बेरहमी से मारते गए.

भरत राय ने बताया कि जो लोग आए थे, वो मुस्लिम समुदाय के थे। उन्होंने बताया कि रिजवी, शाकिद और इलियास का यह व्यक्तिगत मामला था। बाकी लोग उसके समर्थन में बस इसलिए आए थे, क्योंकि वह मुस्लिम है। उनका कहना है कि महादलितों के पीडब्ल्यूडी में बसने के आक्रोश में भीड़ ने ऐसा किया है। महादलित यहाँ पर लगभग 30 सालों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ को भड़का कर लाया गया था।