कोरोना को रोकने में कामयाब हुई UP की योगी सरकार, महाराष्ट्र की उद्धव सरकार हुई फेल, ये रहे आंकड़े

कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है, कुछ मठाधीश उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की तुलना करके यूपी को कोरोना ‘स्प्रेडर घोषित’ कर रहे हैं, जबकि सच्चाई इसके विपरीत हैं, आज हम आपको आंकड़ों के आधार पर बताएँगे कि कैसे यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना को रोकने में निरन्तर कामयाब हो रही है, जबकि महाराष्ट्र की उद्धव सरकार लगातार नाकामयाब हो रही है।

covid19india.org के मुताबिक़, 23 मई 2021 को महाराष्ट्र में 26,672 कोरोना के नए मामलें सामने आये, जबकि 1,320 लोगों की मौत हो गई, वहीँ उत्तर प्रदेश में 4,715 नए मामलें सामने आये जबकि 231 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र में एक दिन में 2.9 लाख टेस्ट हुए थे, जबकि उत्तर प्रदेश में इससे ज्यादा 3.2 लाख टेस्ट हुए थे, इसके बावजूद कोरोना के मामलें में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी और मृत्यु महाराष्ट्र में हुई।

बात करें ऑल टाइम की तो महाराष्ट्र में अबतक 51,40,272 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, इनमें से 88,620 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है, जबकि अबतक कुल 3.3 करोड़ टेस्ट हुए हैं. वहीँ उत्तर प्रदेश में अबतक 15,65,802 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, इनमें से 19,209 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अबतक 4.7 करोड़ टेस्ट हो चुके हैं. उत्तर प्रदेश में ज्यादा टेस्ट होने के बावजूद कोरोना के मामलें कम हैं, महाराष्ट्र में कम टेस्ट होने के बावजूद कोरोना मामलें और कोरोना से मृत्यु का ग्राफ बड़ा है।

एक और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर प्रदेश की आबादी लगभग 23 करोड़ हैं, वहीँ महाराष्ट्र की आबादी लगभग साढ़े 11 करोड़ है, ऊपर दिए गए आंकड़ों के आधार पर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना कहाँ कंट्रोल है और कहाँ ऑउट ऑफ़ कंट्रोल है, इसके बावजूद बेशर्मी से कुछ मठाधीश कहते हैं यूपी में हालात भयावह है. महाराष्ट्र में तो सब ठीक है. ये वो मठाधीश हैं, जो अपना जमीर गिरवी रख चुके हैं, इन्हें सच्चाई से नहीं मतलब, बस योगी सरकार के खिलाफ प्रोपोगैंडा फैलाना है।