टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन में युवती से दुष्कर्म का आरोपी निकला ‘आम आदमी पार्टी’ का नेता

Photo Credit - Anoop Chanot Facebook

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों द्वारा दिल्ली की कई सीमाओं पर कई महीनों से आंदोलन किया जा रहा है, इस तथाकथित किसान आंदोलन से एक बेहद शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है, पश्चिम बंगाल से किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने टीकरी बॉर्डर पर आई एक 25 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है. उस महिला की बाद में कोविड-19 के लक्षणों के कारण बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी.

महिला के पिता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है. युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं।आरोपितों में शामिल अनूप सिंह चानौत ‘आम आदमी पार्टी’ का नेता बताया जा रहा है, आप मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के साथ उसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक़, हांसी के चानौत गाँव का रहने वाला अनूप सिंह चानौत ‘आम आदमी पार्टी’ का हिसार लोकसभा अध्यक्ष रहा है, बताया जा रहा है कि मध्यमवर्गीय परिवार से तालुक रखने वाला अनूप तकरीबन 10 साल पहले आम आदमी पार्टी से जुड़ा था, अनूप का अधिकतर कार्यक्षेत्र दिल्ली ही रहा, दिल्ली विधानसभा चुनावों में उसने केजरीवाल के लिए प्रचार भी किया था. 2019 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में अनूप को आम आदमी पार्टी ने बरवाला से टिकट दिया था मगर फ़ार्म निरस्त होने से वह चुनाव नहीं लड़ पाया। वह शुरुवात से ही दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर धरने पर है.

मिली जानकारी के मुताबिक़, 25 साल की महिला महिला 10 अप्रैल को एक किसान संगठन के साथ बंगाल से टीकरी बॉर्डर आई थी, ताकि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सके. महिला को झज्जर जिले के एक अस्पताल में 26 अप्रैल को कोविड के लक्षणों के बाद भर्ती कराया गया था, लेकिन 30 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. आठ दिन बाद उसके पिता ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है. जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है।

दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद अनूप ने ट्वीट कर कहा, मुझे फंसाने की और किसान आंदोलन को तोड़ने की बहुत बड़ी साजिश रची गयी है। आज नहीं तो कल सच देश के सामने आयेगा। अगर मेरा थोड़ा सा भी कसूर निकले तो मुझे फांसी तोड़ देना या तड़पा तड़पा कर मार देना। सत्यमेव जयते।