कोरोना का कहर जारी, RLD प्रमुख अजीत सिंह का कोरोना से निधन

राष्ट्रीय लोकदल ( आरएलडी ) मुखिया चौधरी अजित सिंह के निधन की खबर सामने आ रही है, बताया जा रहा है कि 82 वर्षीय अजित सिंह कोरोना संक्रमित थे, गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. दैनिक जागरण के मुताबिक, अजीत सिंह 22 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे, लेकिन मंगलवार मंगलवार रात उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई. जिसके बाद गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। लेकिन वे जिंदगी की जंग हार गए।

12 फरवरी 1939 को जन्में अजित सिंह एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वह राष्ट्रीय लोक दल के संस्थापक और प्रमुख भी थे, अजित सिंह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के बेटे थे, अजीत सिंह पहली बार 1986 में अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री च चरण सिंह के बीमार होने के बाद राज्यसभा के लिए चुने गए थे। वे 1987 और 1988 में लोकदल (ए) और जनता पार्टी के अध्यक्ष थे। 1989 में, वे जनता दल के महासचिव थे.

चौधरी अजित सिंह 1989 में पहली बार लोकसभा सांसद बने, दिसंबर 1989 से नवंबर 1990 तक वी पी सिंह के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। 1991 के आम चुनाव में उन्हें फिर से लोकसभा के लिए चुना गया, उन्होंने पी वी नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में खाद्य मंत्री के रूप में कार्य किया। अजीत सिंह को 1996 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में फिर से चुना गया लेकिन उन्होंने 1996 में पार्टी और लोक सभा से इस्तीफा दे दिया, फिर उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल की स्थापना की और 1997 के उपचुनाव में फिर से चुने गए। वह 1998 का चुनाव हार गए और 1999, 2004 और 2009 में फिर से चुने गए।

अजित सिंह 2001 से 2003 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री थे, 2011 में अजित सिंह की पार्टी UPA में शामिल हो गई और वो दिसंबर 2011 से मई 2014 तक नागरिक उड्डयन मंत्री थीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में अजित सिंह को मुजफ्फरनगर से भाजपा उम्मीदवार संजीव बाल्यान से 6526 मतों से हार का सामना करना पड़ा।