रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों को होगी उम्रकैद और सम्पत्ति नेस्तनाबूद, शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

देशभर में कोरोना वायरस एक बार फिर कहर बरपाने लगा है, कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन व् कुछ जीवनरक्षक दवाओं की जबरदस्त मांग बढ़ गई है, कुछ लोग विपदा में कुछ पैसे कमानें के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, दवाओं की कालाबजारी कर रहे हैं, अब ऐसे लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी कार्यवाही करने का फैंसला लिया है.

कोरोना संकट काल में नकली दवाओं और इंजेक्शन की बिक्री और कालाबाजारी करने वा करने वालों को उम्रैकद की सजा के साथ उनकी संपत्ति को राजसात कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आपदा के समय लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वालों ड्रग माफियाओं पर रासुका की कार्रवाई के साथ वैसी ही कार्रवाई होगी जैसी कार्रवाई प्रदेश में पत्थरबाजों के खिलाफ हुई थी।

अभी नकली दवा बेचने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अब इसे खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के अंतर्गत भी लाया जाएगा जिसमें आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।

गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ न केवल सख्त कार्रवाई की जाएगी बल्कि इनकी संपत्ति को भी जब्त कर नेस्तनाबूद किया जाएगा। नकली दवा बेचना जघन्य अपराध है और जो लोग ऐसा करते हैं, उन लोगों के खिलाफ सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करने जा रही है।