जब बंगाल चुनाव में हुई रैलियों से कोरोना नहीं फैला? हम तो सारे नियमों का पालन कर रहे हैं: राकेश टिकैत

कोरोना वायरस के कहर के बीच आज किसानों के आंदोलन को 6 महीनें पूरे हो गए, इस अवसर पर दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर इकट्ठा होकर हजारों किसानों ने काला दिवस के रूप में मनाया, जो आंदोलन स्थल पर नहीं पहुँच पाया वो अपने घर ही काला झंडा लगाकर किसानों को समर्थन किया। हालाँकि कोरोना के बीच आंदोलन स्थल पर उमड़ी भीड़ को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. उन सवालों का जवाब दिया है किसान नेता राकेश टिकैत ने.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, किसान आंदोलन स्थल कोई कोरोना का उद्गम स्थल है क्या? जो यहाँ से कोरोना फ़ैल रहा है, जबा बंगाल में चुनाव हुए, भीड़ वहां पर इकट्ठी हुई, कोरोना वहां भी फ़ैल सकता था, उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव हुए वहां कोरोना नहीं फैला, यहाँ ( किसान आंदोलन स्थल ) तो लोग शांतिपूर्वक तरीके से रहते हैं, लोग दूरी बनाकर रहते हैं।

राकेश टिकैत ने कहा, पहले मीडिया कहती थी किसान आंदोलन में कोई नहीं बचा, सब चले गए, अब हम जब कोरोना का पालन कर रहे हैं, ज्यादा भीड़ नहीं बुला रहे हैं तो कहते हैं कि बहुत भीड़ आ गई. पहले तो तय करके बता दो कि यहाँ भीड़ कम है, या ज्यादा है. टिकैत ने कहा, हम सामाजिक दूरी का पालन करते हैं, सेनिटाइजर का छिड़काव होता है, शाम सात बजे के आसपास फोगिंग होती है जो दवाई छिडकी जाती है.

राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि धरना स्थल पर कोई बीमारियां नहीं हैं, जो लोग गाँव से आते हैं तो आठ-दस दिन क्वारंटाइन रहते हैं, फिर आंदोलन में शामिल होते हैं, हमको पता है बीमारी का लेकिन सरकार नहीं ध्यान दे रही है, अगर सरकार संज्ञान लेती तो इसपर बात हो सकती थी, टिकैत ने कहा, 22 जनवरी के बाद से भारत सरकार का कोई मैसेज नहीं आया है, अगर मैसेज आया तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं.