क्या? राहुल गांधी को है भूलने की बीमारी, एक ही मुद्दे पर इन दो ट्वीट के बाद लोग लगा रहे कयास

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ट्विटर पर काफी सक्रिय रहते हैं, ट्विटर के जरिये सरकार की आलोचना करते रहते हैं, हालाँकि राहुल गांधी जो ट्वीट करते हैं कुछ दिन बाद उसे भूल जाते हैं, इसके उदाहरण कई बार मिल चुके हैं, जिससे कयास लगाए जानें शुरू हो गए हैं कि क्या? राहुल गांधी को भूलने की बीमारी है। आम तौर पर कुछ भूल जाना कोई बड़ी बात नहीं होती. लेकिन इंसान अगर बार-बार भूलने लगे, तो बहुत मुमकिन है या तो भूलने वाली बीमारी उसे अपनी चपेट में ले चुकी है या वो जानबूझकर लोगों को भ्रमित करता है।

दरअसल मामला यह है कि कोरोना की दूसरी लहर का कहर रोकने के लिए राहुल गांधी ने अचानक संपूर्ण लॉकडाउन की मांग कर दी। जबकि कुछ दिन पहली ही राहुल गांधी ने लॉकडाउन को तुगलकी बताया था, यानि एक ही मामलें पर कोई पुख्ता राय नहीं है. राहुल गांधी ने 16 अप्रैल 2021 को ट्वीट कर लॉकडाउन को तुगलकी फरमान बताया था।
उन्होंने लिखा।

केंद्र सरकार की कोविड रणनीति
स्टेज 1- तुगलकी लॉकडाउन लगाओ
स्टेज 2- घंटी बजाओ
स्टेज 3- प्रभु के गुण गाओ

4 मई 2021 को राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘भारत सरकार समझ नहीं रही है. अब कोरोना को फैलने से रोकने का सिर्फ संपूर्ण लॉकडाउन का ही एक रास्ता बचा है – कमजोर वर्गों के लिए NYAY की सुरक्षा के साथ. भारत सरकार की निष्क्रियता से कई निर्दोष लोगों की मौत हो रही है. इन दो ट्वीट्स से पता चलता है कि राहुल गांधी अपनी ही बात को काटने पर तुले रहते हैं, ऐसा वो जानबूझकर करते हैं या भूल वश करते हैं ये तो वही बता सकते हैं।

वैसे राहुल गांधी कोई शोशल मीडिया ट्रोल नहीं बल्कि देश की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं., उनकी अपनी एक गरिमा है और उसे बरकरार रखने के लिए उन्हें किसी भी मसले पर अपना एक रुख सामने रखने होगा। ट्रोल की तरह नहीं कि जब जो मन में आया बोल लिया, कल कुछ और आज कुछ और. अगर ऐसा करेंगे तो सवाल उठेंगे ही.