हिंसा और बंगाल में हिन्दू नरसंहार के खिलाफ कल अमेरिका सहित दुनिया के 30 देशों में होगा विरोध प्रदर्शन

हाल ही में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में हिंसा शुरू हो गई है, टीएमसी की सरकार बनने के बाद गुंडों ने आतंक मचाना शुरू कर दिया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बंगाल के कुछ जिलों के हिन्दू अपनी जान बचाने के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, ज्यादातर वो हिन्दू हिंसा का शिकार बन रहे हैं जो भाजपा से जुड़े हैं.

बंगाल हिंसा और बंगाल में हिन्दू नरसंहार, हिंदुओं के मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ कल अमेरिका और कनाडा सहित दुनिया के 30 देशों के 50 शहरों में विरोध प्रदर्शन होगा, भारतवंशी विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले कश्मीरी  हिन्दू अजय पंडिता की ह्त्या के विरोध में दुनियाभर के 100 शहरों में विरोध प्रदर्शन हुआ था।

पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ‘700 गांवों में हिंसा, रेप और हत्याएं हो रही हैं, ये सब एक समुदाय विशेष के लोग कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि यह सब ममता बनर्जी और टीएमसी के नेताओं के इशारे पर हो रहा है, भाजपा कार्यकर्ता घर छोड़कर अज्ञात स्थानों पर जा रहे हैं, आजतक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, गुंडों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर में आग लगा रहे हैं, महिलाओं से रेप कर रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले ने बंगाल हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार से मांग की है कि हिंसा को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, हम नवनिर्वाचित राज्य सरकार से आग्रह करते हैं कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य में चल रही हिंसा को तुरंत समाप्त कर कानून का शासन स्थापित करना, दोषियों को अविलंब गिरफ़्तार कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना।

उन्होंने कहा, चुनाव परिणाम के तुरंत बाद उन्मुक्त होकर अनियंत्रित तरीक़े से हुई राज्यव्यापी हिंसा न केवल निंदनीय है, बल्कि पूर्व नियोजित भी है। समाज-विघातक शक्तियों ने महिलाओं के साथ घृणास्पद बर्बर व्यवहार किया, निर्दोष लोगों की क्रूरतापूर्ण हत्याएँ कीं, घरों को जलाया, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों-दुकानों को लूटा एवं हिंसा के फलस्वरूप अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के बंधुओं सहित हज़ारों लोग अपने घरों से बेघर होकर प्राण-मान रक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण के लिए मजबूर हुए हैं। कूच-बिहार से लेकर सुंदरबन तक सर्वत्र जन सामान्य में भय का वातावरण बना हुआ है।