शांतिदूतों ने फूंकी दलित बस्ती, वकील पटेल बोले- दलितों के कथित पैरोकार अब सेक्युलर बुरके में घुस गए हैं

बिहार के पूर्णिया जिले के बायसी थाना के खपड़ा पंचायत के मझुवा गाँव में मुस्लिम भीड़ ने न सिर्फ महादलित बस्ती के एक दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया बल्कि बस्ती के चौकीदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक़, भीड़ ने कई महिलाओं और दलितों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस पूरी वारदात में गांव के कई लोग घायल हुए हैं।

इस घटना को लेकर वकील प्रशांत पटेल ने कहा है कि ‘दलितों के कथित पैरोकार अब सेक्युलर बुरके में घुस गए हैं। इसके अलावा उन्होंने दावा किया है कि AIMIM विधायक के दबाव में पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रही है, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने अपने ट्वीट में लिखा, पूर्णिया में अनुसूचित जाति की बस्ती को शांतिदूतों द्वारा जलाकर राख कर दिया गया है। 4 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। स्थानीय विधायक MIM का सैयद रुकनुद्दीन अहमद है जिसके दबाव में पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही। दलितों के कथित पैरोकार अब सेक्युलर बुरके में घुस गए हैं।

ऑपइंडिया के मुताबिक़, चौकीदार भरत राय ने इस ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि दिन में थोड़ी बहुत मारपीट हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने आकर उनको समझा कर मामला शांत कर दिया था, लेकिन रात 11:30 बजे लगभग 150 की तादाद में कई गाँवों से भीड़ वहाँ पर पहुँची। सबके हाथ में पेट्रोल का गैलन था। वे घरों पर पेट्रोल डालते गए और आग लगाते गए। जो बीच में आया उसे बेरहमी से मारते गए.

भरत राय ने बताया कि जो लोग आए थे, वो मुस्लिम समुदाय के थे। उन्होंने बताया कि रिजवी, शाकिद और इलियास का यह व्यक्तिगत मामला था। बाकी लोग उसके समर्थन में बस इसलिए आए थे, क्योंकि वह मुस्लिम है। उनका कहना है कि महादलितों के पीडब्ल्यूडी में बसने के आक्रोश में भीड़ ने ऐसा किया है। महादलित यहाँ पर लगभग 30 सालों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ को भड़का कर लाया गया था।