वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये हुई यूरोपीय परिषद के सदस्‍यों की बैठक, PM मोदी ने भी लिया हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्‍यम से यूरोपीय परिषद की बैठक में भाग लिया। यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्‍य देशों के प्रमुखों ने इस बैठक में हिस्‍सा लिया। भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं तथा इसके सदस्‍य देशों ने साझा हितों, लोकतंत्र के सिद्धांतों और मूल्‍यों, स्‍वतंत्रता, विधि के शासन और मानवाधिकारों के सम्‍मान पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के बाद जारी एक संयुक्‍त बयान में कहा गया कि भारत और यूरोपीय संघ ने विश्‍व के दो सबसे बडे लोकतंत्र के तौर पर सुरक्षा, समृद्धि और बहुध्रुवीय विश्‍व के सतत विकास पर सहमति जताई है। यह बैठक पुर्तगाल के पोर्टो में हाईब्रिड फार्मेट में आज आयोजित की गई जिसमें श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्‍यम से भाग लिया।

बयान में कहा गया है कि यह बैठक वर्ष 2000 में हुई भारत और यूरोपीय संघ की पहली बैठक के बाद महत्‍वपूर्ण है। इससे प्रत्‍येक के लिए बेहतर भविष्‍य की दिशा में भारत-यूरोपीय संघ के रिश्‍ते और मजबूत होंगे। नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ रोडमैप-2025 और लिये गये फैसलों को लागू करने की दिशा में आगे बढने पर सहमति व्‍यक्‍त की।

दोनों पक्षों के नेताओं ने मौजूदा और भविष्‍य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए नियम आधारित और प्रभावी बहुस्‍तरीय व्‍यवस्‍था पर जोर दिया। बैठक के दौरान भारत और यूरोपीय संघ ने स्‍वीकार किया कि महामारी के कारण वैश्विक स्‍तर पर कठिन परिस्थितियां उत्‍पन्‍न हुई हैं।

भारत और यूरोपीय संघ ने कोविड वैक्‍सीन तक सभी की पहुंच का समर्थन किया और कहा कि यह सुरक्षित, समान और किफायती होनी चाहिए। यूरोपीय संघ के सदस्‍य देशों ने कोविड-19 वैक्‍सीन के निर्माण और वैक्‍सीन मैत्री के जरिये इसके वितरण के भारत के प्रयासों का स्‍वागत किया। भारत ने कोविड वैक्‍सीन, 90 से अधिक देशों को उपलब्‍ध कराई है।