ब्रेकिंग: बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने एक बार फिर से बंगाल में भारी बहुमत के साथ सरकार बना ली है, सरकार बनते ही गुंडों ने आतंक मचाना शुरू कर दिया है, कहीं भाजपा दफ्तरों को आग के हवाले किया तो कहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में आग लगाया, तोड़फोड़ की तो कहीं भाजपा कार्यकर्ताओं की ह्त्या कर दी. बंगाल में इस समय आराजकता अपने चरम पर है, बंगाल में हो रही हिंसा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है, याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार हिंसा को रोकने में नाकाम रही है.

इंडिक कलेक्टिव नाम की संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा, “चुनाव परिणाम के बाद शुरू हुई हिंसा पर नियंत्रण में राज्य सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उसने पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश तक नहीं दिए हैं।” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, फेसबुक में वीडियो अपलोड करने के तुरंत बाद मारे गए अभिजीत सरकार समेत दूसरे लोगों का उदाहरण दिया। हिंसा की CBI जांच की मांग की है इसके अलावा राज्य सरकार से की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट लेने की भी मांग की है.

बता दें कि रविवार (मई 2, 2021) को अभिजीत सरकार नामक एक भाजपा कार्यकर्ता ने TMC के गुंडों की हरकतों के बारे में बताया। उसके कुछ ही देर बाद उनकी हत्या कर दी गई। पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ‘700 गांवों में हिंसा, रेप और हत्याएं हो रही हैं, ये सब एक समुदाय विशेष लोग कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि यह सब ममता बनर्जी और टीएमसी के नेताओं के इशारे पर हो रहा है, भाजपा कार्यकर्ता घर छोड़कर अज्ञात स्थानों पर जा रहे हैं, आजतक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, गुंडे बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर में आग लगा रहे हैं, महिलाओं से रेप कर रहे हैं।