केजरीवाल की दिल्ली में NSG कमांडों को नहीं मिला ICU बेड़, हुई मौत, जबकि PFI एक्टिविस्ट को बेड मिल गया

देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर जमकर कहर बरपा रही है, सबसे ज्यादा दिल्ली के हालात खराब हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश की सबसे जांबाज फ़ोर्स NSG के ग्रुप कमांडर वीरेंद्र झा की अस्पतालों में बेड न मिलने से मौत हो गई, परिजन पांच घंटे तक दिल्ली के अस्पतालों में घूम-घूमकर बेड खोजते रहे, लेकिन बेड नहीं मिला। केजरीवाल की इसी दिल्ली में एक तरफ जहाँ बेड न मिलने से NSG कमांडों ने दम तोडा तो वहीँ कटटर इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इण्डिया ( PFI ) के एक्टिविस्ट को आसानी से बेड मिल गया और उसका ईलाज हो रहा है.

हाथरस जाते वक्त गिरफ्तार किए गए केरल के पीएफआई सिद्दीकी कप्पन को मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए दिल्ली शिफ्ट कार दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि सिद्दीकी कप्पन का इलाज दिल्ली में होगी, जब वह ठीक हो जाएगा फिर उसके मथुरा जेल में शिफ्ट किया जाएगा।

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के ग्रुप कमांडर वीरेंद्र कुमार झा को समय पर आईसीयू (ICU) यानी गहन चिकित्सा कक्ष में बेड नहीं मिल पाया, जिससे उनकी जान चली गई। झा को 22 अप्रैल का संक्रमित होने के बाद नोएडा के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन 4 मई की शाम 6:00 बजे अचानक बीरेंद्र कुमार झा की तबीयत बिगड़ी, जिसमें उनका ऑक्सीजन लेवल एकदम नीचे जाने लगा.

बीरेंद्र कुमार झा को इसके बाद नोएडा के रेफरल हॉस्पिटल में आईसीयू बेड खाली ना होने के चलते दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई, जिसके तुरंत बाद दिल्ली में अस्पताल ढूंढने का सिलसिला शुरू हुआ. आजतक के मुताबिक, NSG के ग्रुप कमांडर को अस्पताल में आईसीयू बेड मिलने में करीब 5 घंटे से ज्यादा का समय गुजर गया, इस दौरान बीरेंद्र कुमार झा की तबीयत और क्रिटिकल होती गई. और फिर बेड न मिलने के कारण मौत हो गई.