पूर्णिया में ध्वस्त हुई जय भीम-जय मीम की एकता: समुदाय विशेष ने फूंक दी दलित बस्ती

कुछ स्वघोषित दलितों के ठेकेदार अपनी राजनीति चमकाने के लिए जय भीम-जय मीम और दलित-मुस्लिम एकता जिंदाबाद का नारा देते फिरते हैं, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने इस नारे को झूठा साबित कर दिया। इसका सबसे जीता-जागता उदाहरण बिहार के पूर्णिया से आया है, जी हाँ! मुस्लिम भीड़ ने महादलित बस्ती ही फूंक डाली।

पूर्णिया जिले के बायसी थाना के खपड़ा पंचायत के मझुवा गाँव में मुस्लिम भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया। यहाँ भीड़ ने न सिर्फ महादलित बस्ती के एक दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया बल्कि बस्ती के चौकीदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक़, भीड़ ने कई महिलाओं और दलितों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस पूरी वारदात में गांव के कई लोग घायल हुए हैं।

ऑपइंडिया के मुताबिक़, चौकीदार भरत राय ने इस ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि दिन में थोड़ी बहुत मारपीट हुई थी, जिसके बाद प्रशासन ने आकर उनको समझा कर मामला शांत कर दिया था, लेकिन रात 11:30 बजे लगभग 150 की तादाद में कई गाँवों से भीड़ वहाँ पर पहुँची। सबके हाथ में पेट्रोल का गैलन था। वे घरों पर पेट्रोल डालते गए और आग लगाते गए। जो बीच में आया उसे बेरहमी से मारते गए.

भरत राय ने बताया कि जो लोग आए थे, वो मुस्लिम समुदाय के थे। उन्होंने बताया कि रिजवी, शाकिद और इलियास का यह व्यक्तिगत मामला था। बाकी लोग उसके समर्थन में बस इसलिए आए थे, क्योंकि वह मुस्लिम है। उनका कहना है कि महादलितों के पीडब्ल्यूडी में बसने के आक्रोश में भीड़ ने ऐसा किया है। महादलित यहाँ पर लगभग 30 सालों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ को भड़का कर लाया गया था।