फिलिस्तनियों के लिए धड़का महबूबा मुफ्ती का दिल

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच जारी जंग को लेकर भारत में भी चर्चा जोरों पर हैं, एक ओर भारत में सोशल मीडिया पर अधिकाँश लोग जहाँ इजराइल के समर्थन में लिख रहे हैं तो वहीँ जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का दिल फिलिस्तीन के लिए धड़का है. दरअसल जम्मू कश्मीर में कोरोना कर्फ्यू के दौरान कुछ उपद्रवियों ने इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, इजराइल के झंडे जलाये थे, 21 उपद्रवियों को जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, अब महबूबा मुफ्ती ने इनकी गिरफ़्तारी पर सवाल उठाये हैं.

पीडीपी मुखिया और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्वीट में लिखा, फलस्तीन पर इजराइल के अत्याचार के विरूद्ध दुनियाभर में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन कश्मीर में यह दंडनीय अपराध है जहां एक कलाकार पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया और एक उपदेशक को बस फलस्तीनियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया. महबूबा के मुताबिक, ‘‘कश्मीर एक खुली जेल है’’ और ‘‘यहां किसी के लिए अपने विचार की अभिव्यक्ति की कोई गुंजाइश नहीं है.।

बता दें कि शनिवार को पुलिस ने कर्फ्यू के दौरान फलस्तीन समर्थक प्रदर्शन करने को लेकर श्रीनगर और शोपियां जिलों में 21 लोगों को गिरफ्तार किया. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस केंद्रशासित प्रदेश में कर्फ्यू लगाया गया है. पुलिस ने दक्षिण कश्मीर के धार्मिक उपदेशक सरजान बरकाति को भी ईद के दिन कथित रूप से उत्तेजक भाषण देने को लेकर गिरफ्तार किया था. बरकाति ने फलस्तीन के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया था.