टीकरी बॉर्डर: किसान आंदोलन में युवती से दुष्कर्म, मेजर पुनिया बोले, राहुल-प्रियंका खामोश क्यों?

टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन से बलात्कार की घटना सामने आई है, आरोप है कि एक किसान संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने बंगाल से किसान आंदोलन में भाग लेने टीकरी बॉर्डर आई 25 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म किया, इस मामलें में 6 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर भी हो गई, कल तक खुद को किसान हितैषी साबित करने में जुटी राजनैतिक पार्टियों ने इस मामलें में चुप्पी साध ली है, परन्तु अब इनकी चुप्पी पर सवाल भी उठने लगे हैं, मेजर सुरेंद्र पुनिया ने कहा, आखिर राहुल-प्रियंका खामोश क्यों हैं?

मेजर ( रिटायर्ड ) सुरेंद्र पुनिया ने ट्वीट कर कहा, टिकरी बॉर्डर पर तथाकथित किसान नेताओं ने एक लड़की के साथ रेप किया। योगेन्द्र यादव, भूषण, टिकैत सबको पता था पर चुप रहे, केजरी चुप है, क्योंकि रेप्सिट उनकी पार्टी के हैं, प्रियंका/राहुल गांधी चुप है, UP चुनाव में टिकैत का साथ लेना हैं, रेप हुआ,लड़की मर गई. इंसानियत के नाते ही मुँह खोल दो

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल से किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने टीकरी बॉर्डर पर आई एक 25 वर्षीय महिला की कोविड-19 के लक्षणों के कारण बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी. महिला के पिता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है. युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं।

युवती के पिता के हवाले से दैनिक भास्कर ने लिखा है ‘संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव को जानकारी थी कि किसान नेता युवती के साथ गलत कर रहे हैं, हालाँकि 24 अप्रैल से युवती के सम्पर्क में रहे योगेंद्र यादव ने उसकी मौत से पहले या बाद में पुलिस को इस घटनाक्रम की सूचना नहीं दी, अब सवाल यह उठता है कि जब योगेंद्र यादव को घटना के बारें में जानकारी थी तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? क्या, योगेंद्र यादव आरोपियों के कुकर्मों को छुपाना चाहते थे इसलिए सूचना नहीं दी।