किसान आंदोलन में आई युवती के साथ हुआ बलात्कार तो ट्विटर पर टॉप ट्रेंड हुआ “किसान नहीं बलात्कारी”

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसानों द्वारा दिल्ली की कई सीमाओं पर कई महीनों से आंदोलन किया जा रहा है, इस तथाकथित किसान आंदोलन से एक बेहद शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आई है, पश्चिम बंगाल से किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने टीकरी बॉर्डर पर आई एक 25 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है. उस महिला की बाद में कोविड-19 के लक्षणों के कारण बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी.

महिला के पिता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है. युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं।

किसान आंदोलन से दुष्कर्म का मामला सामनें आने के बाद अब अब इस तथाकथित आंदोलन की जमकर थू-थू हो रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ट्विटर पर इस समय “किसान नहीं बलात्कारी” टॉप ट्रेंड कर रहा है, खबर लिखे जानें तक “किसान नहीं बलात्कारी” टॉप ट्रेंड बना हुआ है, इस ट्रेंड पर अबतक 50 हजार से ज्यादा ट्वीट हो चुके हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक़, 25 साल की महिला महिला 10 अप्रैल को एक किसान संगठन के साथ बंगाल से टीकरी बॉर्डर आई थी, ताकि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सके. महिला को झज्जर जिले के एक अस्पताल में 26 अप्रैल को कोविड के लक्षणों के बाद भर्ती कराया गया था, लेकिन 30 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. आठ दिन बाद उसके पिता ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है. जांच के लिए डीएसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है।