भारतीय वैज्ञानिकों ने कैंसर के क्षेत्र में हासिल की बहुत बड़ी उपलब्धि

भारतीय वैज्ञानिकों ने कैंसर निदान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुंबई स्थित एपिजेनेरेस बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी सिंगापुर की टज़ार (Tzar) लैब्स ने एक नॉन इनवेसिव परीक्षण तैयार किया है। इस जांच से ट्यूमर की कोशिकाओं के बनने और संबंधित लक्षणों के दिखाई देने के एक साल पहले भी शरीर में कैंसर की सटीक उपस्थिति का पता लगाया जा सकेगा। इस तकनीक को एचआरसी जांच के रूप में जाना जाता है, और यह कैंसर के शीघ्र निदान तथा उपचार में मदद करेगी। यह जांच कैंसर रोगियों को उपचार के भारी वित्तीय बोझ से भी बचाएगी।

आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में एपिजेनेरेस बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर निदेशक आशीष त्रिपाठी ने कहा कि इसकी विशेषता यह है कि एक साधारण रक्त परीक्षण के जरिये यह जांच की जा सकती है। आपको बता दें कि कोरोना के उपचार के लिए डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने एक 2डीजी स्वदेशी दवा विकसित की है, बताया जा रहा है कि यह दवा कैंसर पर भी कारगर होगी।